समलैंगिक शादी पर फैसले के बीच अचानक CJI ने विषमलैंगिक जोड़ों की बात क्यों कही? जानें वजह
Author: Naresh Chaudhary
2023-10-17 13:18:54
Same Sex Marriage vs Heterosexual Marriage: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार समलैंगिक शादी (Same Sex Marriage) के मामले में अहम फैसला दिया। कोर्ट ने सेम सेक्स मैरिज को मान्यता नहीं दी है, हालांकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कई अहम टिप्पणियां की हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इन टिप्पणियों के बीच में विषमलैंगिक जोड़ों (स्त्री और पुरुष) को लेकर भी कुछ बात कही है।
भेदभाव के लिए संविधान का उल्लंघन
भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने मंगलवार को समलैंगिक विवाह पर अपने फैसले में कहा कि कानून यह नहीं मान सकता कि केवल विषमलैंगिक जोड़े (स्त्री और पुरुष) ही अच्छे माता-पिता हो सकते हैं। सीजेआई ने फैसले में कहा कि गोद लेने के नियम समलैंगिक जोड़ों के खिलाफ भेदभाव के लिए संविधान का उल्लंघन हैं।
बच्चों को गोद लेने का नियम भी याद दिलाया
न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) का परिपत्र (जो समलैंगिक जोड़ों को गोद लेने से बाहर करता है) संविधान के अनुच्छेद 15 का उल्लंघन है। उन्होंने आगे कहा कि CARA विनियमन 5(3) अप्रत्यक्ष रूप से असामान्य संघों के खिलाफ भेदभाव करता है। एक समलैंगिक व्यक्ति केवल व्यक्तिगत क्षमता में ही गोद ले सकता है। इसका समलैंगिक समुदाय के खिलाफ भेदभाव को मजबूत करने का प्रभाव है।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह साबित करने के लिए रिकॉर्ड पर कोई तथ्य नहीं है कि केवल एक विवाहित विषमलैंगिक जोड़ा (स्त्री और पुरुष) ही एक बच्चे को स्थिरता दे सकता है। हालांकि इसके अलावा भी सुप्रीम कोर्ट ने कई अहम टिप्पणियां की हैं।
देश की खबरों के लिए यहां क्लिक करेंः-
न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines