हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

कौन थे गोपीनाथ बोरदोलोई? जिनकी मूर्ति का PM मोदी ने किया अनावरण, ये ना होते तो…पाकिस्तान का हो जाता असम

सीएम सरमा ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, ‘हम आज एक ऐसे महानायक को नमन कर रहे हैं, जिनकी वजह से असम पूर्वी पाकिस्तान में नहीं मिला. अगर बोरदोलोई न होते, तो असम का इतिहास आज कुछ और होता.’

विज्ञापन

गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के पहले मुख्यमंत्री और भारत रत्न गोपीनाथ बोरदोलोई की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया. इस मौके को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी मौजूद रहे और इस घटना को असम के लिए गौरव का क्षण बताया. गोपीनाथ बोरदोलोई के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह ऐसे नेता थे, जिनकी दूरदर्शी सोच ने आज का असम को बनाने में अहम योगदान दिया.

सीएम सरमा ने बताया महानायक


सीएम सरमा ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, ‘हम आज एक ऐसे महानायक को नमन कर रहे हैं, जिनकी वजह से असम पूर्वी पाकिस्तान में नहीं मिला. अगर बोरदोलोई न होते, तो असम का इतिहास आज कुछ और होता.’ उन्होंने बताया कि प्रतिष्ठित मूर्तिकार राम सुतार द्वारा निर्मित यह प्रतिमा गुवाहाटी एयरपोर्ट के द्वार पर स्थापित की गई है, जो पूर्वोत्तर भारत की पहचान और भारत की एकता का प्रतीक बनेगी.

यह भी पढ़ें: गगनयान मिशन का लेवल अप, ISRO को मिली बड़ी कामयाबी, तूफानी ट्रेन पर किया परीक्षण

विज्ञापन

कौन थे गोपीनाथ बोरदोलोई?


6 जून 1890 को जन्मे गोपीनाथ बोरदोलोई केवल असम के पहले मुख्यमंत्री नहीं थे, बल्कि वे भारत के उन गिने-चुने नेताओं में से थे जिन्होंने देश के विभाजन के समय अपने राज्य को टूटने से बचाया. 1940 के दशक में जब ‘ग्रुपिंग प्लान’ के तहत असम को पूर्वी पाकिस्तान में शामिल करने की साजिश रची जा रही थी, तब बोरदोलोई ने अपने राजनीतिक कौशल और दृढ़ निश्चय से इस योजना को विफल कर दिया.

चट्टान की तरह खड़े रहे बोरदोलोई


जिन्ना के दबाव, ब्रिटिश राजनीति की चालों और मुस्लिम लीग की रणनीतियों के बीच बोरदोलोई चट्टान की तरह खड़े रहे. उन्होंने साफ कहा था ‘असम भारत का हिस्सा है और रहेगा.’ उसी समय उन्होंने गांधीजी और सरदार पटेल से संपर्क कर यह सुनिश्चित किया कि असम की स्वतंत्र पहचान बनी रहे. उनके अथक प्रयासों की बदौलत असम आज भारतीय गणराज्य का अभिन्न अंग है.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: एयर इंडिया के पायलट ने पैसेंजर के साथ की मारपीट, सोशल मीडिया पर शेयर की तस्वीर, हुआ सस्पेंड

डॉक्टर पिता के घर में जन्मे गोपीनाथ

बोरदोलोई का जीवन राजनीति से परे सामाजिक सेवा को समर्पित था. डॉक्टर पिता के घर में जन्मे गोपीनाथ बचपन से ही दूसरों की सहायता करने की भावना लेकर बड़े हुए. कोलकाता विश्वविद्यालय से पढ़ाई के दौरान वे बंगाल नवजागरण के विचारों से प्रभावित हुए और शिक्षा पूरी करते ही कांग्रेस आंदोलन में शामिल हो गए. 1950 में उनके निधन के दशकों बाद 1999 में भारत सरकार ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से मरणोपरांत सम्मानित किया.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

Tags:

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola