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कौन हैं युमनाम खेमचंद सिंह, जिन्हें मिली मणिपुर CM की कुर्सी? एक साल बाद हटेगा राष्ट्रपति शासन

मणिपुर की राजनीति से जुड़ी इस समय की एक बड़ी खबर सामने आ रही है. प्रदेश में नई सरकार के गठन की गतिविधियां अब पहले से तेज हो गई हैं. इस बीच युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है और वे ही प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे.

मणिपुर की राजनीति से जुड़ी इस समय की एक बड़ी खबर सामने आ रही है. प्रदेश में नई सरकार के गठन की गतिविधियां अब पहले से तेज हो गई हैं. इस बीच युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है और वे ही प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे.

आपको बता दें कि युमनाम खेमचंद सिंह दो बार के विधायक हैं और बीरेन सिंह सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. वे मैतेई समुदाय से संबंध रखते हैं.

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गौरतलब है कि मणिपुर में 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू है. प्रदेश में लंबे समय से जारी हिंसा और प्रदर्शनों को देखते हुए और मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद ही राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था. वहीं, 12 फरवरी 2026 को मणिपुर में अब राष्ट्रपति शासन खत्म होने वाला है.

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दिल्ली में मणिपुर लेजिस्लेटिव पार्टी की बैठक में बीजेपी नेता युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया.

बता दें कि 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है. फिलहाल उसे निलंबित कर दिया गया है. इस बीच नई सरकार के गठन की कवायद में भाजपा संसदीय बोर्ड ने मणिपुर में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.

कौन हैं युमनाम खेमचंद सिंह?

युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर में एक अनुभवी और कद्दावर नेता के रूप में माना जाता है. एन बीरेन सिंह की सरकार में खेमचंद सिंह के पास ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी. वहीं, विधानसभा स्पीकर के रूप में उनकी निष्पक्ष कार्यशैली की भी चर्चा तेजी से हो रही है.

दिसंबर में शुरू हुई थी सरकार गठन की अटकलें

इससे पहले, पिछले साल 14 दिसंबर को मणिपुर भाजपा विधायक दल ने नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में शांति प्रक्रिया और हिंसाग्रस्त राज्य से संबंधित अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक आयोजित की थी. इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह और राज्य विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यव्रता सिंह सहित 34 से अधिक भाजपा विधायकों के साथ-साथ बीएल संतोष, संबित पात्रा और मणिपुर भाजपा अध्यक्ष शारदा देवी भी उपस्थित थीं.

विधानसभा में भाजपा के 37 विधायक

बता दें कि बीजेपी ने 2022 के विधानसभा चुनाव में 32 सीटें जीती थीं. बाद में नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के 6 विधायकों में से 5 ने बीजेपी का दामन थाम लिया. जिसके बाद ही सदन में बीजेपी विधायकों की संख्या बढ़ गई और 37 हो गई. इसके अलावा सदन में नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) की 6, नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) की 5, कांग्रेस की 5, कुकी पीपुल्स अलायंस (केपीए) की दो, जेडीयू की एक और तीन निर्दलीय विधायक हैं. एक सीट पूर्व विधायक के निधन के कारण खाली है.


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