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भारत में बंद होगा व्हाट्सऐप? आज आएगा सुप्रीम कोर्ट में फैसला, जानें क्या है मामला और META पर क्यों लगा 213 करोड़ का जुर्माना?

Whatsapp Privacy Policy Controversy: सुप्रीम कोर्ट आज व्हाट्सऐप विवाद पर फैसला सुना सकता है। आज शाम तक फाइनल हो सकता है कि व्हाट्सऐप बंद होगा या चलता रहेगा। आज 5 साल से व्हाट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर चल रहा विवाद खत्म हो जाएगा।

5 साल से व्हाट्सऐप को लेकर मेटा की पॉलिसी पर विवाद चल रहा है।

Whatsapp Privacy Policy Controversy: देश के 85 करोड़ से ज्यादा व्हाट्सऐप यूजर्स को झटका लग सकता है। क्योंकि भारत में व्हाट्सऐप बंद होने की चर्चा है। सुप्रीम कोर्ट ने Meta की व्हाट्सऐप कंपनी को चेतावनी दी हुई है कि वह नियमों का पालन करे, नहीं तो देश छोड़कर चला जाए। मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। आज 23 फरवरी को सुनवाई होनी है और शाम तक अहम फैसला भी आ सकता है। आज फाइनल हो जाएगा कि देश में व्हाट्सऐप चलता रहेगा या बंद होगा।

साल 2021 से पॉलिसी पर विवाद चल रहा

बता दें कि मामला व्हाट्ऐप पर विज्ञापन, यूजर डेटा शेयरिंग और प्राइवेसी पॉलिसी का है। साल 2021 में पॉलिसी लागू हुई थी, लेकिन कंपीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने पॉलिसी पर आपत्ति जताते हुए सुओ मोटो लिया और पॉलिस की जांच शुरू की। नवंबर 2024 में कमीशन ने मेटा पर व्हाट्सऐप को लेकर 2013 करोड़ का जुर्माना लगा दिया। कमीशन के फैसले के खिलाफ NCLAT में मेटा ने याचिका दायर की। ट्रिब्यूनल ने नवंबर 2025 में मेटा को राहत दी, लेकिन जुर्माना नहीं हटाया।

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जस्टिस सूर्यकांत की बेंच सुनवाई कर रही

जनवरी 2026 में मेटा ने ट्रिब्यूनल के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। 3 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने मेटा को चेतावनी दी कि कानून मानें या भारत छोड़ दें। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस NV अंजारिया की बेंच मामले की सुनवाई कर रही है। जस्टिस सूर्यकांत ने चेतावनी देते हुए मेटा को साफ कह दिया है कि कंपनी को व्हाट्सऐप यूजर्स का डेटा किसी और के साथ शेयर करने की परमिशन नहीं दी जाएगी। यह लोगों की प्राइवेसी का हनन होगा। मेटा की ओर से सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी और व्हाट्सऐप की ओर से सीनियर एडवोकेट अरुण पेश हुए।

क्या है व्हाट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी?

बता दें कि जनवरी 2021 में मेटा कंपनी ने व्हाट्सऐप प्राइवेसी पॉलिसी लागू की थी। पॉलिसी के अनुसार, पैरेंट कंपनी मेटा अपनी व्हाट्सऐप कंपनी के यूजर्स का डेटा और डिटेल्स अपनी दूसरी कंपनियों फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि के साथ शेयर कर सकती है। साथ ही व्हाट्सऐप यूजर्स का डेटा मार्केट सर्विस और ऑफरिंग्स को ऑपरेट करने के लिए किया जा सकता है। व्हाट्सऐप, फेसबुक और इंस्टाग्राम की सर्विस को और बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है।

2 ऑप्शन के साथ पॉलिसी लागू की गई

पॉलिसी लागू होने के बाद लोगों को 2 ऑप्शन के साथ मैसेज मिला कि वे या तो डाटा शेयरिंग पॉलिसी एक्सेप्ट कर लें या अपनी अकाउंट डिलीट कर दें। इस बीच व्हाट्सऐप ने चैट को एन्क्रिप्टेड बनाते हुए कहा कि यूजर्स की चैट को न कंपनी पढ़ सकती है और न ही कोई और यूजर इसे पढ़ सकता है, लेकिन एक नियम यह बताया कि अगर बिजनेस अकाउंट बनाते हैं तो कंपनी विज्ञापन दिखाने के लिए डेटा का इस्तेमाल करेगी। इससे व्हाट्सऐप यूजर्स की प्राइवेसी का उल्लंघन हो रहा था।

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भारत की डेटा शेयरिंग और प्राइवेसी पॉलिस

बता दें कि साल 2023 में भारत सरकार ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDP) एक्ट लागू किया। एक्ट में प्रावधान किया गया कि यूजर अपने डेटा का मालिक खुद होगा। यूजर डेटा क्लेक्ट करने वाली व्हाट्सऐप, गूगल और अन्य कंपनियां ही डेटा की सिक्योरिटी के लिए जिम्मेदारी होंगी। बिना यूजर परमिशन के कंपनी डेटा यूज नहीं करेगी। कंपनी को यूजर को बताना होगा कि कौन-सा डेटा लिया जा रहा है? कंपनी को यूजर की लोकेशन किसी के साथ शेयर करने का अधिकार नहीं होगा। काम होने के बाद कंपनी के डेटा सर्वर से रिमूव करना होगा। अगर कंपनी ने किसी मामले में लापरवाही बरती या डेटा लीक किया तो 250 करोड़ का जुर्माना भरना पड़ सकता है।


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