पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X से एक वीडियो शेयर किया था। जिसमें एक बंगाली भाषी महिला और उसके बच्चे के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया था। दिल्ली पुलिस ने अब इस वीडियो को लेकर खुलासा किया है। पुलिस ने इस पूरे मामले को फेक बताया है। पूर्वी दिल्ली के डीसीपी अभिषेक धानिया का आरोप है कि पुलिस की छवि को खराब करने के लिए वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था।
जानिए पूरा मामला
डीसीपी अभिषेक धानिया ने बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने X पर एक वीडियो पोस्ट की थी। वीडियो में आरोप लगाया गया था कि दिल्ली पुलिस एक बंगाली महिला और उसके बच्चे के साथ मारपीट कर रही है। पुलिस ने तुरंत इस वीडियो को संज्ञान में लेकर जांच शुरू की। शुरुआती जांच करने पर पता चला कि महिला का नाम संजानु परवीन है। पूछताछ करने पर उसने बताया कि 26 जुलाई की रात करीब 10:30 बजे सादे कपड़ों में चार पुलिसकर्मी उसके घर आए थे। चारों उन्हें एक सुनसान इलाके में ले गए और उनके साथ मारपीट कर 25 हजार रुपये ले लिए।
रिश्तेदार के कहने पर बनाया था फर्जी वीडियो
डीसीपी ने बताया कि महिला से पूछताछ के बाद जब घटना की जांच की गई तो वह फर्जी निकली। महिला के सभी आरोप गलत पाए गए। डीसीपी ने बताया कि महिला से दोबारा सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने वीडियो को लेकर पूरी कहानी बता दी। महिला का एक रिश्तेदार पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में रहता है। रिश्तेदार के एक राजनीतिक पार्टी से जुड़ा है। उसी ने महिला से फेक वीडियो बनाकर शेयर करने के लिए कहा था।
दिल्ली पुलिस की छवि को खराब करने की कोशिश
डीसीपी अभिषेक धानिया ने बताया कि महिला द्वारा बनाया गया वीडियो जांच में फर्जी निकला है। यह वीडियो दिल्ली पुलिस की छवि को खराब करने के लिए सोशल मीडिया पर शेयर की गई थी। फिलहाल इस मामले में आगे की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने पर कार्रवाई की जाएगी।