Water Level in Yamuna: दिल्ली एनसीआर में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से लोग चिंता में है। खतरे के निशान से पानी कुछ ही दूर रह गया है। सोमवार शाम 5 बजे तक हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से यमुना में 23065 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। पुराने लोहा पुल के पास बाढ़ नियंत्रण विभाग ने जलस्तर 203.76 मीटर दर्ज किया है। चेतावनी का स्तर यहां 204.5 मीटर है। वहीं, खतरे का निशान 205.33 मीटर पर अंकित किया गया है। दिल्ली में भी इस समय बारिश हो रही है। यदि हथिनीकुंड बैराज से दिल्ली में और पानी एक साथ छोड़ा गया तो हालात खराब हो सकते हैं।
यह भी पढ़ें:दिल्ली में 15 अगस्त पर कौन फहराएगा तिरंगा? केजरीवाल सरकार और LG के बीच मचा घमासान
रविवार को जलस्तर 202.68 मीटर व शनिवार को जलस्तर 202.84 मीटर था। माना जा रहा है कि मंगलवार शाम तक जलस्तर खतरे के निशान को छू सकता है। आज शाम तक जलस्तर 204.9 तक बढ़ सकता है। बता दें कि अभी तक के इतिहास में यमुना का जलस्तर 208.66 मीटर तक दर्ज किया जा चुका है। वहीं, राहत की बात यह है कि पानी बढ़ने के बाद भी इसका असर रेल और दूसरी सेवाओं पर नहीं पड़ा है। स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर दिल्ली में फिलहाल फुल ड्रेस रिहर्सल जारी है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस को गश्त करने के आदेश दिए गए हैं।
32 जगह बनाए गए निगरानी सेंटर
शाहदरा के डीसीपी सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि मंगलवार सुबह से ही सुरक्षा कड़ी की गई है। दिल्ली से सटे इलाकों में सीमा पर चौंकियां बनाई गई हैं। यमुना खादर इलाकों में पुलिस नावों से गश्त कर रही है। पूरे इलाके में हर संदिग्ध की जांच चल रही है। यमुना के खुले नालों के किनारे 32 ऑनलाइन निगरानी सेंटर बनाए गए हैं। नदी में प्रदूषण के स्तर की भी अलग-अलग एंगल से जांच हो रही है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के एक अधिकारी के अनुसार यमुना नदी के किनारे 14 निगरानी सेंटर बनाए गए हैं। वहीं, विभिन्न नालों के स्थानों पर 18 समेत कुल 32 ऑनलाइन निगरानी स्टेशन (OLMS) सेंटर बनाए गए हैं। कुछ और सेंटर इस साल के अंत तक चालू कर दिए जाएंगे।
यह भी पढ़ें- Paris Olympic में 84 देशों में कैसा रहा भारत का प्रदर्शन? एक राज्य ने देश को जिताए 4 मेडलयह भी पढ़ें- क्या Vinesh Phogat के साथ डॉक्टर ने किया खेल? Akhilesh Yadav ने उठाए सवाल