शुक्रवार को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने एक संवादाता समेलन में इस बार यानी साल 2026 में होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह के बारे में विशेष जानकारी दी है. आपको बता दें कि इस बार कर्तव्य पथ पर वीवीआइपी कल्चर को खत्म किया जाएगा. यानी जो वीवीआइपी दर्शक होंगे उनके बैठने की जगहों को थीम के हिसाब से बदला गया है. परेड के रास्ते में बनी बैठने की जगहों को पहली बार नंबरों से नहीं पहचाना जाएगा.
इसके बजाय, लोगों के बैठने की जगह का नाम देश की प्रमुख नदियों के नाम पर रखा गया है. पहले इन जगहों की पहचान सिर्फ नंबरों से होती थी. अब इनका का नाम यमुना, ब्यास, ब्रह्मपुत्र, गंगा, तीस्ता, चंबल, सतलुज, सोन, चिनाब, सोन, रावी, वैगई, पेरियार, गंडक, पेन्नार, नर्मदा, घाघरा, गोदावरी, कृष्णा, महानदी, सिंधु, कोसी, झेलम और कावेरी जैसी नदियों के नाम पर रखा गया है. गणतंत्र दिवस के मौके पर ऑपेरशन सिंदूर के दौरान जिन जिन फाइटर प्लेन,आर्म्स और ड्रोन का इस्तेमाल हुआ था उनका भी प्रदर्शन दर्शकों के बीच किया जाएगा.
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राफेल, सुखोई, जगुआर और मिग-29 लड़ाकू विमानों की ताकत को दुश्मन देश देखेगा, लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों और ट्रांसपोर्ट विमानों वाले कई अन्य फॉर्मेशन भी इस भव्य हवाई प्रदर्शन का हिस्सा होंगे.. कर्तव्य पथ पर भैरव बटालियन का मार्च भी देखने को मिलेगा. गणतंत्र दिवस के दिन मेट्रो सेवा सुबह 3 बजे से शुरू हो जाएगी, और जिन दर्शकों के पास इंटरी टिकट या पास होगा उन्हें मेट्रो में मुफ्त में यात्रा कराया जाएगा, मेट्रो इंटरी के वक्त उन्हें बार कोड दिखाना होगा. 2500 कलाकार गणतंत्र दिवस समारोह की समाप्ति के समय अपने कला का प्रदर्शन करेंगे.