Uniform Civil Code: समान नागरिक संहिता (UCC) के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी को छोड़कर पूरा विपक्ष विरोध में है। अब भाजपा के सहयोगियों यानी एनडीए में भी मतभेद देखने को मिल रहा है। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने इसे भारत के विचार के खिलाफ बताया है। नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDAऔर नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (NEDA) की सहयोगी है। एनपीपी सुप्रीमो ने शुक्रवार को कहा कि विविधता भारत की ताकत है और उनकी पार्टी को लगता है कि यूसीसी अपने मौजूदा स्वरूप में इस विचार के खिलाफ जाएगी। दरअसल, यूसीसी सभी नागरिकों के विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों के लिए एक कानून की वकालत करता है। बीते दिनों पीएम मोदी ने इसकी मजबूत पैरवी की। उन्होंने कहा कि देश भला दो कानूनों से कैसे चल सकता है?

विविधता हमारी ताकत और पहचान

संगमा ने कहा कि मेघालय में मातृसत्तात्मक समाज है और पूर्वोत्तर को एक अनूठी संस्कृति मिली हुई है और वह ऐसा ही रहना चाहेंगे। हालांकि, एनपीपी प्रमुख ने कहा कि यूसीसी मसौदे को देखे बिना विवरण में जाना मुश्किल होगा। आगे उन्होंने जोर देकर कहा कि विविधता हमारी ताकत और पहचान है। यह भी पढ़ें: बस से बाहर आते ही हुआ जोरदार धमाका, महाराष्ट्र में जिंदा बचे यात्री ने बताया कैसे हुआ दर्दनाक हादसा

आप और हिमाचल के मंत्री ने दिया समर्थन

आम आदमी पार्टी ने UCC को अपना सैद्धांतिक समर्थन दिया। वहीं, पार्टी लाइन के खिलाफ जाते हुए हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शुक्रवार को समान नागरिक संहिता के लिए अपना पूर्ण समर्थन दिया। फेसबुक पर कांग्रेस नेता ने कहा कि मैं समान नागरिक संहिता का पूरा समर्थन करता हूं जो भारत की एकता और अखंडता के लिए जरूरी है, लेकिन इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। सिंह हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा सिंह के बेटे हैं। उनके दिवंगत पिता वीरभद्र सिंह छह बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे। और पढ़िए – देश से जुड़ी अन्य बड़ी ख़बरें यहाँ पढ़ें