Umrah Visa Application: हज यात्रा खत्म हो चुकी और उमराह (उमरा) चल रहे हैं, जिनका सीजन 11 जून 2025 को शुरू हो गया था और 18 अप्रैल 2026 तक चलता रहेगा. उमराह करने के लिए मुस्लिम समुदाय के लोग सऊदी अरब में पवित्र स्थल मक्का मदीना जाते हैं, जिसके लिए वीजा की आवेदन प्रक्रिया चल रही है. अगर आप भी उमराह वीजा के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो वीजा के प्रकार, आवेदन की प्रक्रिया और आवेदन के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स के बारे में जान लीजिए…
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क्या है उमराह वीजा और इस्तेमाल?
उमराह वीजा सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय द्वारा मुस्लिम श्रद्धालुओं को दिया जाने वाला विशेष प्रकार का परमिट है, जिसके पास उमराह वीजा है, उसे उमराह तीर्थ यात्रा के लिए मक्का जाने की अनुमति मिल जाती है, लेकिन मुस्लिम समुदाय के लोग उमराह वीजा का इस्तेमाल सिर्फ मक्का मदीना में धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए कर सकते हैं. जियारत के हिस्से के रूप में मक्का मदीना के धार्मिक स्थलों की यात्रा भी कर सकते हैं.
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उमराह वीजा और हज वीजा में अंतर
उमराह वीजा सिर्फ उमराह करने के लिए होता है, जबकि हज वीजा विशेष रूप से हज यात्रा के लिए जारी होता है. उमराह वीजा होल्डर्स उमराह के साथ-साथ सऊदी अरब के अन्य शहरों में धार्मिक स्थलों की यात्रा भी कर सकते हैं, जबकि हज वीजा मक्का मदीना और इससे संबंधित पवित्र स्थलों की यात्रा तक ही सीमित है. उमराह वीजा के लिए पूरे साल में कभी भी अप्लाई किया जा सकता है, लेकिन हज वीजा केवल हज यात्रा के दिनों में ही जारी अप्लाई और जारी किया जाता है. उमराह वीजा के लिए ऑनलाइन अप्लाई भी किया जा सकता है, लेकिन हज वीजा आसानी से नहीं मिलता.
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वीजा के लिए कौन कर सकता आवेदन?
भारतीय मुसलमानों को उमराह वीजा के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी. जैसे आवेदनकर्ता को भारतीय नागरिक और मुस्लिम होना चाहिए. आवेदक की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए. 18 साल के कम उम्र के आवेदन के साथ उसके माता-पिता या लीगल गार्जियन अनिवार्य है. आवेदक के पास इस्लामी आस्था का प्रमाण पत्र होना चाहिए. जिनके नाम से उनके मुस्लिम होने का पता नहीं चलता, उन्हें अपने धर्म की पुष्टि के लिए किसी मस्जिद या मान्यता प्राप्त इस्लामी केंद्र से प्रमाण पत्र बनवाना होगा.
महिला तीर्थयात्रियों को एक महरम यानी करीबी पुरुष रिश्तेदार, जैसे पिता-भाई या पुत्र के साथ ही यात्रा करनी होगी. 45 वर्ष या उससे ज्यादा उम्र की महिलाएं अगर किसी ग्रुप में यात्रा करती हैं तो वे बिना मरहम के भी यात्रा कर सकती हैं, लेकिन उन्हें अपने महरम से NOC लेटर साथ लाना होगा. पासपोर्ट उमराह यात्रा की तारीख से कम से कम अगले 6 महीने तक के लिए वैध होना चाहिए.
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उमराह वीजा के लिए आवेदन प्रक्रिया क्या रहेगी?
सबसे पहले लाइसेंस होल्डर उमराह ट्रैवल एजेंट को चुने और उसके बारे में पूरा होमवर्क करें. आवेदन केवल सऊदी एंबेसी द्वारा भारत में अधिकृत ट्रैवल एजेंटों के जरिए ही किया जा सकता है. ट्रैवल एजेंट को उमराह वीजा के लिए जरूरी सभी दस्तावेज उपलब्ध कराएं. वीजा के लिए मांगी गई फीस भरें. सभी तरह की फीस भरने के बाद वीजा एप्लिकेशन एक्सेप्ट हो जाएगा. उमराह वीजा ऑनलाइन रिलीज होने पर ट्रैवल एजेंसी ही बताएगी और उसकी ऑनलाइन-ऑफलाइन कॉपी उपलब्ध कराएगी.
उमराह वीजा आवेदन के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट
वीजा एप्लिकेशन फॉर्म, जो हर जानकारी के साथ भरा होना चाहिए. वैलिड पासपोर्ट, जिसकी वैधता कम से कम 6 महीने की होनी चाहिए. निर्धारित फॉर्मेट में पासपोर्ट साइज फोटो चाहिए. उमराह करने के बाद भारत लौटने का इरादा दिखाने के लिए रिटर्न फ्लाइट टिकट दिखाना होगा. होटल की बुकिंग या मित्रों/रिश्तेदारों के यहां ठहरने की पुष्टि करने वाला रेजिडेंट सर्टिफिकेट होना चाहिए.
मेनिंगोकोकल मेनिन्जाइटिस, कोविड-19, बुखार, पोलियो आदि के टीकाकारण का प्रमाण पत्र होना चाहिए. सऊदी अरब में जियारत के दौरान घूमने के लिए तय जगहों की डिटेल होनी चाहिए. धर्म परिवर्तन करने वाले वालों या गैर-मुस्लिमों के लिए मुस्लिम आस्था की पुष्टि करने वाला प्रमाण पत्र जरूरी है. महिलाओं के पास महरम का प्रमाण पत्र या NOC लेटर होना चाहिए. ट्रैवल इंश्योरेंस भी अनिवार्य है.
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उमराह वीजा के अन्य नियम और शर्तें
उमराह वीजा 90 दिनों के लिए वैध होता है. इससे ज्यादा दिन सऊदी अरब में रुकने पर जुर्माना, नजरबंदी या निर्वासन हो सकता है. वीजा केवल उमराह तीर्थ यात्रा और संबंधित धार्मिक उद्देश्यों के लिए किया होगा. किसी अन्य काम या टूरिज्म के लिए इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. ड्रेस कोड बेहद सिंपल होना चाहिए. उमराह के दौरान निषिद्ध कपड़े न पहने और न लेकर आएं. सार्वजनिक स्थानों पर सम्मानजनक कपड़े पहनें. मस्जिदों और पवित्र स्थानों के प्रति आदरभाव दिखाएं.