उत्तराखंड के देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा को पहले नस्लीय टिप्पणी करके चिढ़ाया जाता है, जब उसने विरोध किया तो उसे इतनी बेरहमी से पीटा जाता है कि उसकी मौत हो जाती है. हालांकि, पुलिस का मानना है कि यह हत्या संभवतः नस्लीय हमला नहीं थी. साथ ही कहा कि वे सभी एंगल से इस मामले की जांच करेंगे.
एनडीटीवी से बात करते हुए देहरादून के SSP अजय सिंह ने कहा कि जिन लोगों ने चकमा पर हमला किया, उनमें एक मणिपुर का था, एक नेपाल का और एक आदिवासी था. उन्होंने कहा कि इस वजह से जिन ‘नस्लीय और जाति-सूचक’ शब्दों की बात की जा रही है – वे आरोप कहीं टिकते नहीं हैं.
यह भी पढ़ें : पीट-पीटकर तोड़ी रीढ़ की हड्डी, ब्रेन में ब्लीडिंग… त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की मेडिकल रिपोर्ट से रूह कंपाने वाले खुलासे
जब एंजेल पर हमला हुआ था, उसका भाई माइकल भी उसके साथ था. माइकल ने 27 दिसंबर को नस्लवादी हमले की बात कही थी. एसएसपी ने कहा कि शुरुआती जांच में ऐसी बात सामने नहीं आई थी. लेकिन अब पीड़ित पक्ष ने इनपुट दिया है तो उसकी जांच भी की जाएगी.
‘चीनी’ शब्द का इस्तेमाल किए जाने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर, एसएसपी ने कहा कि हो सकता है कि हमलावरों के बीच मजाक में ऐसा कहा गया हो, जिसे पीड़ितों ने गलत समझ लिया.
अधिकारी ने कहा, ‘वे खुद का मजाक उड़ा रहे थे, वे 15-22 साल के बच्चे थे जो एक पार्टी में बाहर आए थे…’
यह भी पढ़ें : त्रिपुरा निवासी एमबीए छात्र की देहरादून में सिर्फ उसकी पहचान के कारण चाकू मारकर हत्या कर दी गई- केजरीवाल
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के हवाले से अधिकारी ने कहा कि उन्होंने बताया कि हमने उन पर कभी कोई टिप्पणी नहीं की, न ही हमारा ऐसा कोई इरादा था. लेकिन उन्हें ऐसा लगा कि वे टिप्पणियां उन पर की जा रही हैं. इस वजह से, वहां बात बढ़ गई और झड़प हो गई.
बता दें, एंजेल चकमा और उसके भाई पर 9 दिसंबर को हमला हुआ था. स्थानीय लोगों के साथ हुआ विवाद इतना बढ़ गया था कि उन पर चाकू और दूसरे हथियारों से हमला कर दिया गया. माइकल के सिर पर वार किया गया था, जबकि एंजेल की गर्दन और पेट में चाकू घोंपा गया था.
इस मामले में पांच लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें दो नाबालिग हैं और उन्हें किशोर सुधार गृह भेजा गया है. आरोपियों में से एक, जो नेपाल का नागरिक है, घर भाग गया है. उस पर 25,000 रुपये के इनाम की घोषणा की गई है. एक पुलिस टीम नेपाल भी भेजी गई है.
एंजेल चकमा को इतनी बेरहमी से पीटा गया था कि अस्पताल में वह 14 दिनों तक जिंदगी के लिए संघर्ष करता रहा. उसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. उसकी मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, चकमा के ब्रेन में ब्लीडिंग हुई थी. सिर की चोट के अलावा, उसके हाथ-पैरों पर कई जगह गहरे जख्म थे. रीढ़ की हड्डी को भी गंभीर नुकसान पहुंचा था और जिसकी वजह से शरीर के दाहिने हिस्से में हलचल बंद हो गई थी.
संबंधित खबरें
135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब, शिफ्ट करने को लेकर जताई चिंता
41 mins agoभारत पहुंचे स्विस प्रेसिडेंट गाय परमेलिन, ट्रेड-इंवेस्टमेंट समेत इन मुद्दों पर होगी चर्चा
1 hr ago'CJI सूर्यकांत जो चाहें करें, अब फर्क नहीं पड़ता', CJP ने सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर उठाए सवाल
2 hrs agoEverest जीरा पाउडर में मिले तय सीमा से ज्यादा कीटनाशक, FSSAI ने दिया बाजार से हटाने का आदेश
3 hrs agoAaj Ki Taaza Khabar LIVE Updates: भारतीय सेना ने वियतनाम के युवक को किया रेस्क्यू, अंडमान निकोबार में मर्चेंट शिप पर हुआ था घायल
5 hrs agoSIR: 13.39 करोड़ नाम बाहर, वो कौन लोग है जिनके नाम कटे, क्या विशेष अभियान के बाद बदलेंगे आंकड़े?
13 hrs ago'वोटिंग का अधिकार छीनना सही नहीं…' SIR विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के जज भुइंया का बड़ा बयान
14 hrs agoBJP सांसद राधा मोहन दास के घर चोरी, कीमती सामान के साथ गटर का ढक्कन भी गायब
15 hrs agoCEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, CJI सूर्यकांत की बेंच करेगी याचिकाओं पर सुनवाई
16 hrs agoकौन हैं एक्ट्रेस कोयल मल्लिक? जो ममता बनर्जी की थीं करीबी, अब BJP ने राज्यसभा से दिया टिकट
20 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines