फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर इन दिनों भारत दौरे पर हैं। गुरुवार को वह दिल्ली में रहे। पीएम मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब की हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। इस दौरान भारत और फिनलैंड के बीच समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस बयान जारी किया।
संयुक्त बयान में पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया अस्थिरता और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। यूक्रेन से लेकर पश्चिम एशिया तक, दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष जारी है। ऐसे वैश्विक परिवेश में, भारत और यूरोप जो दुनिया की दो प्रमुख राजनयिक शक्तियां हैं, अपने संबंधों के स्वर्णिम युग में प्रवेश कर रहे हैं। हमारा बढ़ता सहयोग वैश्विक स्थिरता, विकास और साझा समृद्धि को नई शक्ति प्रदान कर रहा है। 2026 की शुरुआत में, ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
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पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता भारत और फिनलैंड के बीच व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग को और मजबूत करेगा। भारत और फिनलैंड डिजिटल प्रौद्योगिकी, अवसंरचना और स्थिरता जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भागीदार हैं।
संयुक्त संबोधन में फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े और सबसे प्रभावशाली देशों में से एक है और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। जैसा कि हमने देखा है कि आप अब यूरोप के लिए एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार हैं। विदेश नीति, सुरक्षा नीति और व्यापार नीति में इसका महत्व शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। आप दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं, जिसे हम यहां हर दिन देख सकते हैं। आपकी विदेश नीति के बारे में मुझे जो बात सबसे ज्यादा पसंद है, वह यह है कि आप कभी भ्रम में नहीं रहे।
कहा कि आपने हमेशा अपनी विदेश नीति को व्यावहारिक और यथार्थवादी दृष्टिकोण पर आधारित रखा है। आपने दुनिया को दिखाया है कि रणनीतिक सतर्कता और स्वायत्तता की रक्षा करना कितना महत्वपूर्ण है, साथ ही बहुपक्षवाद और वैश्विक सहयोग का समर्थन भी किया है। मेरा व्यक्तिगत रूप से मानना है कि हम सभी को थोड़ा और भारतीय बनना चाहिए।
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