इस गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का कर्तव्य पथ फिर से सैन्य परेड, झांकियों और फ्लाईपास्ट से जगमगा उठेगा. करोड़ों दर्शकों के लिए इस भव्य आयोजन को यादगार बनाने वाली आवाजों में एक नाम गुरदेव सिंह का है. जो सोमवार, 26 जनवरी को होने जा रही गणतंत्र दिवस की लाइव कमेंट्री करेंगे. गुरदेव बताते हैं कि उन्हें रिपब्लिक डे की कमेंट्री अपने पिता जसदेव सिंह से विरासत में मिली. दिवंगत जसदेव सिंह ने पहली बार टेलीविजन पर टेलीकास्ट होने वाले गणतंत्र दिवस परेड की कमेंट्री की थी. अब 77वें गणतंत्र दिवस पर गुरदेव सिंह एक बार फिर कर्तव्य पथ पर होने जा रही परेड कार्यक्रम को अपनी आवाज देंगे, जिसे आप न्यूज 24 (News 24) चैनल पर लाइव देख सकेंगे.

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कई वर्षों से कर रहे रिपब्लिक डे की कमेंट्री

गुरदेव सिंह के पिता जसदेव सिंह दूरदर्शन पर खेलों की अनघट आवाज माने जाते थे. अब उनके बेटे गुरदेव पिछले कई वर्षों से गणतंत्र दिवस की लाइव कमेंट्री कर रहे हैं. इस बार भी वे टीवी पर उत्साह बिखेरेंगे, जिसे आप घर बैठे लाइव न्यूज 24 पर देख सकते हैं. गुरदेव ने बताया कि कमेंट्री में स्क्रिप्ट के साथ तत्कालीन कमेंट्स को जोड़ना चुनौतीपूर्ण होता है. परेड में तोपखाने की जानकारी देना उन्हें सबसे रोमांचक लगता है. अपने एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि, 'हमारे सैनिकों को वर्दी में कदमताल करते देख हर भारतीय का सीना चौड़ा हो जाता है. देशभक्ति की लहर दौड़ जाती है'.

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खेल जगत के कार्यक्रमों को भी गुरदेव ने दी आवाज

गुरदेव का सपना था कि वह भी अपने पिता की तरह एक दिन गणतंत्र दिवस कवर करें. उन्होंने 1987 क्रिकेट वर्ल्ड कप, 1982 एशियाई खेल और 1995 राजीव गांधी मेमोरियल रन में नवीन कपाड़िया के साथ कमेंट्री की. गुरदेव के मुताबिक गणतंत्र दिवस की कमेंट्री की तैयारी रक्षा मंत्रालय के समन्वय से महीनों पहले शुरू हो जाती है. उन्होंने कहा, 'लाइव होने से कुछ भी हो सकता है. हम अनुभव, जीके और इतिहास पर निर्भर करते हैं.'

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आसान नहीं गणतंत्र दिवस की कमेंट्री

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रिपब्लिक डे की कॉमेंट्री करना जितना आसान लगता है, असल में उतना सरल है नहीं. गुरदेव इसकी कठिनाइयों के बारे में बताते हैं कि किसी भी कमेंट्री में दलों का विवरण, मौसम, कमांडिंग ऑफिसर सब कवर करना पड़ता है. मुख्य अतिथियों की पृष्ठभूमि, उनके परिधान के बारे में जानकारी इकट्ठा करनी पड़ती है. प्रतिनिधियों के आगमन के दौरान दर्शकों को बांधे रखने के लिए ये जानकारियां जरूरी हैं.

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