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Atul Subhash Case: गुजारा भत्ता के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तय किए 8 नियम, सभी अदालतों को सलाह

Atul Subhash Case: इन दिनों बेंगलुरु का एक सुसाइड केस काफी सुर्खियों में हैं। इंजीनियर अतुल सुभाष ने जिस वजह से सुसाइड किया वह एक बहस का मुद्दा बन गया है। सुप्रीम कोर्ट ने एक तलाक के मामले पर सुनवाई की जिसमें कोर्ट ने गुजारा भत्ता को लेकर कई जरूरी बातों पर ध्यान देने को कहा।

Atul Subhash Case:  सुप्रीम कोर्ट में एक तलाक केस में बहस हुई। कोर्ट ने बहस के बीच गुजारा भत्ता राशि तय करने के लिए कुछ बातें ध्यान रखने को कहा। इस दौरान 8 कारक का फॉर्मूला तय करने की सलाह दी गई है। कोर्ट ने ये फैसला सुभाष सुसाइड केस में सुर्खियों में रहने के दौरान आया है। सुभाष ने अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सुसाइड कर ली थी। हालांकि वह अपनी पत्नी को 40 हजार हर महीने का गुजारा भत्ता भी दे रहे थे। उन्होंने अपनी सुसाइड से पहले 24 पेज का नोट भी लिखा।

सुप्रीम कोर्ट की सलाह

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस पीवी वराले की पीठ ने मंगलवार को एक तलाक मामले में सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने गुजारा भत्ता राशि पर फैसला देते हुए देश भर की सभी अदालतों को सलाह दी। कोर्ट ने कुल 8 कारकों को ध्यान में रखने को कहा। सभी अदालतें गुजारा भत्ता का फैसला देने से इन तमाम बातों का ध्यान रखें। ये भी पढ़ें: अतुल सुभाष के घर में सन्नाटा, पिता बोले-इंसाफ चाहिए, बेटे को जहां विदा करने आते थे, वहां अस्थियां लेकर लौटे 1- पति और पत्नी की सामाजिक और आर्थिक स्थिति 2- भविष्य में पत्नी और बच्चों की बुनियादी जरूरतें क्या हैं 3- दोनों पक्षों की योग्यता और रोजगार का जरिया 4- इनकम और प्रॉपर्टी के साधन 5- ससुराल में रहते हुए पत्नी का जीवन स्तर क्या है? 6- क्या उसने परिवार की देखभाल के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी है? 7- काम न करने वाली पत्नी के लिए कानूनी लड़ाई के लिए उचित राशि तय करना 8- पति की आर्थिक स्थिति, उसकी कमाई और गुजारा भत्ता समेत दूसरी जिम्मेदारियों की भी ख्याल रखा जाए। SC का कहना है कि स्थायी गुजारा भत्ता तय करते समय इस बात का ध्यान रखें कि ये केवल पत्नी के लिए आर्थिक जरूरत को पूरा करने के इरादे से बनाया जाए। बल्कि इसको पति की सजा के तौर पर नहीं देखा जाए। एक अन्य मामले में भी कोर्ट ने एक शख्स और उसके माता-पिता के खिलाफ दहेज के मामले को खारिज कर दिया। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने भी कहा इस प्रावधान का कभी-कभी पति और उसके परिवार के खिलाफ बदला लेने के लिए किया जाता है।

क्या है अतुल सुभाष का मामला?

बेंगलुरु में एआई इंजीनियर अतुल सुभाष की सुसाइड का मामला गर्माता जा रहा है। अतुल सुभाष ने यह कदम उठाने से पहले 80 मिनट का एक वीडियो रिकॉर्ड किया। जिसमें उन्होंने कई लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। सुभाष अपनी पत्नी निकिता सिंघानिया और उसके परिवार से काफी परेशान थे। उनका कहना था कि वह उनसे पैसे ऐंठने के लिए कई केस दर्ज कराए हैं। ये भी पढ़ें: ‘हम दोषी नहीं, निकिता जल्द जवाब देंगी’, अतुल सुभाष की पत्नी के परिजनों का रिएक्शन आया सामने, जानें क्या बोले?


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