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UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, CJI ने दुरुपयोग की जताई आशंका, सरकार को कमेटी गठन का आदेश

UGC रेगुलेशन पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। कोर्ट ने नए नियमों पर रोक लगा दी है। पिछले कई दिनों में देशभर के सवर्ण समाज में काफी नाराजगी दिख रही थी। 29 जनवरी को सुनवाई के दौरान सीजेआई ने यूजीसी को नोटिस दिया, साथ ही सरकार को कमेटी बनाने का आदेश दिया है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

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इन दिनों यूजीसी के नए कानूनों पर बवाल मचा हुआ है। यूपी से लेकर दिल्ली कई प्रदर्शन हो रहे हैं। नए नियमों से सवर्ण समाज में खासी नाराजगी देखने को मिल रही है। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। 29 जनवरी को मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट में CJI ने कहा कि रेगुलेशन में जो शब्द इस्तेमाल किए गए हैं उनसे यह लगता है कि इस रेगुलेशन का दुरुपयोग किया जा सकता है।

यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने गत 13 जनवरी को नए नियम जारी किए थे। इन नियमों में देशभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को Equity Center, Equity Squad और Equity Committee बनाना अनिवार्य किया है। यह कमेटी भेदभाव से जुड़ी शिकायतें देखेंगी। कमेटी तय करेगी कि किसी के साथ गलत व्यवहार न हो। कमेटी में ‘SC, ST, OBC, दिव्यांग और महिलाओं’ का प्रतिनिधि रहना जरूरी होगा। इन नियमों को लेकर सवर्ण समाज में काफी नाराजगी पैदा हो गई।

यह भी पढ़ें: ‘इसके प्रावधान और शब्दावली स्पष्ट नहीं…’ UGC के ‘इक्विटी रेगुलेशन’ पर ABVP

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लोगों ने आपस में खाई पैदा करने और नियमों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। नए नियमों पर UGC का कहना है कि पिछड़ी जातियों, अनुसूचित जातियों और जनजातियों के खिलाफ शिकायतों में 2020 से 2025 के बीच 100% से ज्यादा वृद्धि हुई है। नियम में बताया कि 24×7 हेल्पलाइन भी रहेगी। साफ निर्देश दिए गए थे कि अगर कोई संस्थान इन नियमों का पालन नहीं करता, तो UGC उनकी मान्यता रद्द कर सकता है या फंड रोक सकता है।

29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सरकार से कहा कि सरकार एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन करे, जो इस पर विचार करे कि कैसे सबका साथ विकास हो सके, कोई भेदभाव न हो। एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने रेगुलेशन के सेक्शन 3(c) को चुनौती देते हुए कहा कि कास्ट बेस्ड डिस्क्रिमिनेशन की परीक्षा जो दी है वह असंवैधानिक है। इससे समाज में और भेद भाव पड़ेगा।

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CJI ने की अहम टिप्पणी

CJI ने टिप्पणी करते हुए कहा कि एक देश के रूप में 75 साल बाद जाति हीन समाज बनने की दिशा में जो कुछ भी हमने हासिल किया है, क्या हम वापस उधर ही लौट रहे हैं। क्या हम एक प्रतिगामी समाज बनते जा रहे हैं ?

यह भी पढ़ें: ‘किसी के साथ भेदभाव और अत्याचार नहीं होगा…’, UGC विवाद पर आया शिक्षा मंत्री का पहला बयान

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लेखक के बारे में

Raghav Tiwari

राघव तिवारी न्यूज24 में शिफ्ट हेड की भूमिका निभा रहे हैं। यहां टीम प्रबंधन के साथ नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि की खबरें भी कवर करते हैं। इससे पहले ये अमर उजाला, नईदुनिया, नवभारत टाइम्स (NBT) और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में रिपोर्टिंग कर चुके हैं। देवभूमि उत्तराखंड, इंदौर, नोएडा, कानपुर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में काम करने की वजह से राघव भिन्न-भिन्न कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत की समझ रखते हैं। राघव तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा पूरी की है। शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Mail ID: raghav.tiwari@bagconvergence.in Contact No. 8840671098
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