TrendingNew YearPollutionYear Ender 2025

---विज्ञापन---

बिहार SIR के मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, जिनके नाम कटे वो लीगल सर्विस अथॉरिटी की मदद से करें अपील

Supreme Court on Bihar SIR: बिहार SIR के मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज फिर सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि जिन मतदाताओं का नाम फाइनल वोटर लिस्ट में नहीं है, अगर वो अपील करना चाहते हैं तो लीगल सर्विस ऑथोरिटी के वॉलंटियर इसमें मदद करेंगे

बिहार में वोटर लिस्ट पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई (Pic Credit-Social Media X)

Supreme Court on Bihar SIR: बिहार SIR के मामले में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जयमलय बागची की बैंच ने फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल या बाहर किए नामों पर कोई भी आदेश देने से इनकार किया. लिस्ट से बाहर हुए लोगों को बिहार के चीफ इलेक्शन अफसर (CEO) के सामने अपील दायर करने को कहा. साथ ही कहा कि अगर वो अपील करना चाहते हैं तो बिहार लीगल सर्विस ऑथोरिटी के वॉलंटियर इसमें मदद करेंगे . इस मामले में अगली सुनवाई 16 अक्टूबर तय की गई है. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट बिहार की फाइनल वोटर लिस्ट की SIR को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी . बैंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के लिए ऐसे प्रत्येक मामले की जांच करना संभव नहीं होगा, इसलिए संबंधित प्राधिकारी के समक्ष अपील करना ही आगे का रास्ता है.

प्रशांत भूषण के हलफनामे में दी गई जानकारी गलत

सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने प्रशांत भूषण के हलफनामे में दी गई जानकारी को गलत बताया. आयोग के वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि याचिका कर्ताओं का आरोप है कि ड्राफ्ट लिस्ट में मौजूद लोगों का नाम फाइनल लिस्ट से गायब है, उन्हें कारण बताया नहीं गया.

---विज्ञापन---

याचिका कर्ताओं की तरफ से जो जानकारी दी गई है, वह ग़लत है. एक व्यक्ति के बारे में राकेश द्विवेदी ने कहा कि जिस एक व्यक्ति की बात हलफनामे में की गई है, उसका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं था, उसने enumeration फॉर्म जमा ही नहीं किया था.

---विज्ञापन---

अपील के लिए पांच दिन का समय दे कोर्ट

चुनाव आयोग के वकील ने कोर्ट से कहा कि हम चाहते हैं कि कोर्ट ऐसा आदेश दे कि जो भी व्यक्ति वोटर लिस्ट में अपने नाम कटने को लेकर अपील करना चाहता है, उन्हें पांच दिन का समय दिया जाए. उसके बाद अपील नहीं का अवसर नहीं मिलेगा.

कोर्ट ने सवाल पूछा कि जिनका नाम वोटर लिस्ट से कटा है, वो लोग लीगल सर्विस ऑथोरिटी के पास क्यों नहीं जा रहे, वो याचिकाकर्ताओं के पास ही क्यों का रहे हैं? इसपर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि जिन मतदाताओं का नाम फाइनल वोटर लिस्ट में नहीं है, अगर वो अपील करना चाहते हैं तो लीगल सर्विस ऑथोरिटी के वॉलंटियर इसमें मदद करेंगे.

3.66 लाख मतदाताओं का नाम फाइनल लिस्ट में नहीं

स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी इस संबंध में एक हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट दायर करेगी. 3.66 लाख मतदाताओं का नाम फाइनल लिस्ट में नहीं है. चुनाव आयोग की दलील है कि सभी मतदाताओं को इस बात की जानकारी दी गई है कि उनका नाम क्यों कटा है, जबकि याचिका कर्ताओं का आरोप है कि ऐसा नहीं किया गया है.

चिदंबरम ने बिहार SIR पर चुनाव आयोग से पूछे सवाल

वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने गुरुवार को बिहार में फाइनल वोटर लिस्ट को लेकर चुनाव आयोग से सवाल पूछे. चिदंबरम ने कहा कि राज्य की कितनी अडल्ट पापुलेशन का किस्सा वोटर लिस्ट में शामिल है? क्या उनमें डुप्लीकेट एंट्री करीब 5.2 लाख है. चिदंबरम ने स्पष्ट किया कि वह चुनाव आयोग पर कोई आरोप नहीं लगा रहे, लेकिन बिहार के लोग वोटर लिस्ट से जुड़े सवालों के जवाब पाने के हकदार हैं. सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, बिहार की अडल्ट पापुलेशन कितनी है? इनमें से वोटर लिस्ट में कितने शामिल हैं.


Topics:

---विज्ञापन---