Supreme Court CJI Surya Kant: सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्य कांत ने न्यायिक सुधार के लिए सुझाव देने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया और याचिकाकर्ता को फटकार भी लगाई. याचिकाकर्ता ने हिंदी में में अपनी बात रखी. चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी उन्हें हिंदी में समझाते हुए कहा कि आप देश की न्यायपालिका में बदलाव चाहते हैं तो आपको ऐसे PIL डालने की जरूरत नहीं है. आप बस एक पत्र लिखकर मुझे भेज दीजिए.
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याचिका दायर करने से पहले सोचे समझें
आप हर केस को समय सीमा में निपटाने की बात कर रहे हैं, लेकिन आपको समझना होगा कि इसमें जांच एजेंसी का भी रोल है. पुलिस और कोर्ट का काम दोनों अलग-अलग होता है. हर दिन SHO को बुलाकर जांच के बारे में नहीं पूछ सकते. आप कह रहे हैं कि एक साल में हर कोर्ट फैसला दे.आपको अंदाजा भी है कि इसके लिए कितने कोर्ट की जरूरत होगी. याचिका पब्लिसिटी के लिए दायर हुई है तो आप लॉन में मौजूद कैमरामैन के लिए याचिका मत डालिए.
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याचिकाओं में की गईं यह सभी डिमांड
सुप्रीम कोर्ट में CJI सूर्यकांत ने कहा कि आजकल लोग प्रचार के लिए याचिका डाल रहे हैं. एक याचिका तो न्यायिक सुधारों के लिए कमेटी की मांग को लेकर आई. केस को 12 महीने में निपटाने की मांग करते हुए भी याचिका दायर की गई है. ऐसी मांगों के लिए याचिका दायर नहीं की जानी चाहिए, बल्कि ऐसे सुझाव लेटर लिखकर सीधे भेजे जा सकते हैं. सिर्फ न्यायिक सुधार के लिए अदालत न आएं. न कोर्ट का टाइम बर्बाद करें ओर न ही अपना समय बर्बाद करेंगे.