हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

'किसी को मजबूर नहीं कर सकते…', SC ने नाबालिग को दी 30 हफ्ते का गर्भ गिराने की इजाजत

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार 6 फरवरी, 2026 को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. एससी ने महिला के प्रजनन संबंधी अधिकारों और उनकी स्वायत्ता को सर्वोपरी माना है. मिली जानकारी के अनुसार, कोर्ट ने एक नाबालिग को 30 हफ्तों की गर्भावस्था को चिकित्सीय रूप से समाप्त करने की इजाजत दी है. इस दौरान कोर्ट ने कहा कि वह किसी महिला, खासकर नाबालिग को उसकी मर्जी के बिना उसे मां बनने के लिए मजबूर नहीं कर सकता है.

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार 6 फरवरी, 2026 को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. एससी ने महिला के प्रजनन संबंधी अधिकारों और उनकी स्वायत्ता को सर्वोपरी माना है. मिली जानकारी के अनुसार, कोर्ट ने एक नाबालिग को 30 हफ्तों की गर्भावस्था को चिकित्सीय रूप से समाप्त करने की इजाजत दी है. इस दौरान कोर्ट ने कहा कि वह किसी महिला, खासकर नाबालिग को उसकी मर्जी के बिना उसे मां बनने के लिए मजबूर नहीं कर सकता है. बता दें कि लड़की 17 साल की उम्र में प्रेग्नेंट हुई थी और अब वह 18 साल और चार महीने की है. प्रेग्नेंसी 30 हफ्ते की हो गई थी.

लाइव लॉ की एक रिपोर्ट के मुताबिक जस्टिस बी. वी नागरत्ना और जस्टिस उज्जवल भुइंया की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही थी. कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि नाबालिग की प्रजनन स्वायत्ता को महत्व दिया जाना चाहिए और खासकर तब जब नाबालिग खुद अपनी गर्भावस्था को जारी रखने के लिए अनिच्छा जता चुकी है.

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इस मसले पर विचार किया जाना चाहिए कि नाबालिग गर्भावस्था जारी रखना चाहती है या नहीं, वैसे भी यह अवैध है क्योंकि वह खुद नाबालिग है. रिलेशनशिप के दौरान वह प्रेग्नेंट हुई है.

विज्ञापन

कोर्ट यह भी कहा कि मुद्दा ये नहीं है कि वह रेप की वजह से प्रेग्नेंट हुई है या सहमति से संबंध बनाने की वजह से, बल्कि यहां मुद्दा ये है कि वह (नाबालिग लड़की) क्या चाहती है?

नाबालिग लड़की के वकील ने क्या कहा?

वहीं, कोर्ट में नाबालिग के वकील ने तर्क देते हुए कहा कि इस अवैध बच्चे को जन्म देने से सामाजिक कलंक के कारण उसे गहरा मानसिक आघात पहुंचेगा. जिस पर कोर्ट ने भी सहमति जताई और कहा कि ‘दूसरी बात ये है कि वह खुद बच्चे को जन्म नहीं देना चाहती है.’

विज्ञापन

कोर्ट ने दी नाबालिग को बच्चा गिराने की अनुमति

इस मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने नाबालिग को चिकित्सीय रूप से गर्भ गिराने की इजाजत दे दी और मुंबई के जेजे हॉस्पिटल को यह जिम्मेदारी दी गई है. कोर्ट ने हॉस्पिटल को यह निर्देश दिया कि ध्यान दें कि पूरी प्रक्रिया चिकित्सा उपायों के तहत ही की जाए.

इस दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कहा, ‘यह हमारे लिए भी बहुत मुश्किल है, लेकिन हम क्या करें? क्योंकि जो बच्चा जन्म लेगा वो भी एक जिंदगी है. फिर एक सवाल ये भी है कि अगर नाबालिग 24 हफ्ते में गर्भ गिरा सकती है तो 30 हफ्तों में क्यों नहीं लेकिन वह खुद ही बच्चे को जन्म नहीं देना चाहती है, यही समस्या है.’

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola