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गर्मी में क्यों बढ़ती हैं आग की घटनाएं? दिल्ली समेत यूपी-बिहार में सामने आए हैं मामले

गर्मी में आगजनी की घटनाएं अक्सर देखने को मिलती हैं, जिनमें कई लोगों की जान चली जाती है। तो आइए जानते हैं आग लगने के प्रमुख कारण क्या हैं और इनसे कैसे बचा जा सकता है?

गर्मियों ने देश में दस्तक दे दी है। बढ़ती गर्मी के साथ तापमान रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी कर रहा है। मगर गर्मी के मौसम में आगजनी की कई घटनाएं सामने आती हैं। आंकड़ों की मानें तो दिल्ली में फरवरी के महीने में 1,076 आगजनी के मामले देखने को मिले थे, जो मार्च में बढ़कर 1,809 हो गए। इसी तरह के आंकड़ें उत्तर प्रदेश और बिहार डैसे राज्यों से भी सामने आए हैं।

आग लगने की प्रमुख घटनाएं

उत्तराखंड के जंगलों में आग नवंबर 2023 से जून 2024 के बीच उत्तराखंड के जंगलों में भीषण आग देखने को मिली थी। उत्तराखंड के 13 में से 11 जिलों के 11,256 जंगलों में आगजनी की घटनाएं दर्ज की गई थीं। यह भी पढ़ें- इंटरनेट न होता तो हमारी जिंदगी कैसी होती? जानें Internet से जुड़ी 5 अनसुनी बातें दिल्ली में आग गर्मी के दौरान दिल्ली में ज्यादातर आगजनी की घटनाएं शॉर्ट सर्किट की वजह से होती हैं। वहीं पिछले साल मई 2024 में पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में नवजात शिशु देखभाल अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से आग लगी, जिसमें 7 बच्चों की मौत हो गई थी। इसके अलावा मार्च 2025 में द्वारका मोड़ पर मौजूद 30 से ज्यादा झुग्गियां, फैक्ट्रियां समेत कुछ दुकानें भी भीषण आग की चपेट में आ गई थीं। यूपी-बिहार सितंबर 2024 में बिहार के नवादा जिले में 80 घर आग की गिरफ्त में आ गए थे। वहीं अप्रैल 2025 में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में भी भीषण आग लग गई थी। उत्तर प्रदेश के मथुरा रिफाइनरी, ग्रेटर नोएडा के अस्पताल और झांसी अस्पातल में आगजनी की घटनाएं देखने को मिल चुकी हैं।

गर्मी में आग क्यों लगती है?

1. गर्मी में तापमान ज्यादा और हवा में नमी कम हो जाती है, जिससे सूखे पत्ते, घास और लकड़ी में आग जल्दी पकड़ लेती है। 2. गर्मी में एसी, कूलर समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का ज्यादा इस्तेमाल होता है। ऐसे में ओवरलोडिंग और खराब वायरिंग के कारण अक्सर शॉर्ट सर्किट होने की संभावना रहती है। 3. गोदाम या फैक्ट्रियों में पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर, पेंट को सही तरह से स्टोर न करने पर भी बड़ा विस्फोट हने का खतरा रहता है। 4. गर्मियों में तेज लू के कारण सूखी झाड़ियों में अपने आप आग लग जाती है। ऐसी आग ज्यादातर जंगलों में देखने को मिलती है। कुछ ही देर में यह आग विकराल रूप धारण कर लेती है, जिसे बुझाना आसान नहीं होता है। यह भी पढ़ें- आज ही के दिन हुआ था मैच फिक्सिंग का खुलासा, 2 भारतीय क्रिकेटरों पर लगा आजीवन बैन

आग लगने पर क्या करें?

अगर आपके आसपास आग लग जाए तो सबसे पहले शांत रहें और घबराएं बिल्कुल नहीं। अपने फोन से इमरजेंसी नंबर 101 पर कॉल करके फायर ब्रिगेड को सूचित करें। अगर आपके कपड़ों में आग लग जाए तो भागने की बताए जमीन पर लेट कर लुढ़कना शुरू कर दें। वहीं धुएं से बचने के लिए किसी गीले कपड़े को मुंह और नाक पर बांध लें। साथ ही बिल्डिंग से नीचे उतरने के लिए लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।

आग से बचाव के तरीके

घर को आगजनी से बचाने के लिए समय-समय पर बिजली उपकरणों की जांच करवाएं। गैस सिलेंडर का लीकेज चेक करने के लिए साबुन का पानी लगाकर देखें, ऐसे में बुलबुला उठते ही समझ जाएं कि गैस लीक हो रही है। सोने से पहले दिया, मोमबत्ती और अगरबत्ती को बुझाना न भूलें। बच्चों को माचिस, लाइटर और पटाखों से दूर रखें। यह भी पढ़ें- ‘खतरनाक साजिश’, जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने वक्फ संशोधन एक्ट को दी ‘सुप्रीम’ चुनौती?


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