Sudarshan Chakra Mission: प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने भाषण में 'सुदर्शन चक्र' मिशन की घोषणा की, जो एक राष्ट्रीय सुरक्षा मिशन है। मिशन का उद्देश्य इंडियन डिफेंस सिस्टम को मॉडर्न टेक्नोलॉजी के साथ मजबूत करने और देश के ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों को सुरक्षा कवच प्रदान करना है। मिशन सुदर्शन चक्र को साल 2035 तक पूरा करने का लक्ष्य साधा गया है, जो भारत को अभेद्य सुरक्षा कवच प्रदान करने की दिशा में बड़ा कदम है।
प्रधानमंत्री मोदी ने मिशन को लेकर क्या कहा?
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने मिशन को भगवान श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र से प्रेरित बताया, जो सटीक निशाना साधकर वापस लौटने की विशेषता के लिए मशहूर है। सुदर्शन चक्र ने ही महाभारत में जयद्रथ के वध के लिए सूर्य के प्रकाश को रोकने में निर्णायक भूमिका निभाई थी। इसलिए सुदर्शन चक्र मिशन भी सुदर्शन चक्र की तरह सटीक, स्वचालित और प्रभावी होगी, जो दुश्मन के हमले को निष्क्रिय करने के साथ-साथ मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम होगा, जैसे S400 ने ऑपरेशन सिंदूर में दुश्मन के हमले को नाकाम किया था।
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क्या होगा सुदर्शन चक्र मिशन का मकसद?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मिशन के तहत अगले 10 साल में यानी साल 2035 तक देश के चारों महानगरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और अन्य शहरों में मॉडर्न डिफेंस सिस्टम स्थापित करना है। रेलवे स्टेशन, अस्पताल और आस्था के केंद्रों को सुरक्षा कवच प्रदान करना है। मौजूदा डिफेंस सिस्टम जैसे S-400, आकाश मिसाइल और पिनाका रॉकेट सिस्टम को और डेवलप करना है। प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं से इनोवेटिव आइडियाज देने की अपील की, ताकि उनके टैलेंट और सोच से सुदर्शन चक्र मिशन को साकार किया जा सके।
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क्या होंगी सुदर्शन चक्र मिशन की विशेषताएं?
बता दें कि सुदर्शन चक्र मिशन स्वदेशी तकनीक पर आधारित होगा। मिशन को लेकर आवश्यक रिसर्च, विकास और निर्माण पूरी तरह भारत में होगा। मिशन के तहत 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' की विचारधारा पर जोर दिया जाएगा। मिशन के तहत मल्टी-लेयर डिफेंस सिस्टम तैयार किया जाएगा, जो आकाश, पिनाका, टारगेटेड एक्शन मिसाइलों और अत्याधुनिक हथियारों से लैस होगा। मिशन को ड्रोन हमले, मिसाइल स्ट्राइक और साइबर अटैक जैसे आधुनिक युद्ध नीतियों से मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया है।
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कुल मिलाकर मिशन दुश्मन से रक्षा करने के साथ-साथ दुश्मन को आक्रामक जवाब देने की क्षमता भी रखेगा। इस मिशन को भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और आधुनिक युद्ध की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करने का संकल्प कहा जा सकता है। यह मिशन इजरायल के 'आयरन डोम' की तर्ज पर मल्टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्टम होगा, जो न केवल रक्षा करेगा, बल्कि दुश्मन के खिलाफ आक्रामक रणनीति को भी मजबूत करेगा, ताकि भारत किसी भी खतरे का तुरंत और प्रभावी ढंग से जवाब दे सके।