Snowfall in Jammu Kashmir Gulmarg Ladakh Himachal Pradesh Shimla Manali: लंबे इंतजार के बाद जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया है। यहां बर्फबारी नहीं होने से निराश पर्यटक अब इसका आनंद ले रहे हैं। बर्फबारी से सैलानियों के साथ ही स्थानीय लोगों के चेहरे भी खिल गए हैं। जम्मू-कश्मीर के अनंदनाग और रामबन समेत हिमाचल प्रदेश के शिमला और मनाली में भी खूब बर्फबारी हो रही है। कई वीडियो में सामने आए हैं जिसमें पर्यटक बर्फबारी की वजह से खुश नजर आ रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश के मनाली में पर्यटक ताजा बर्फबारी का आनंद ले रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में ताजा बर्फबारी से शिमला का खड़ापत्थर इलाका बर्फ की चादर से ढक गया है। वहीं जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में भी भारी बर्फबारी हुई, जिससे क्षेत्र में तापमान में और गिरावट आई। जम्मू और कश्मीर के रामबन में भी ताजा बर्फबारी की वजह से पेड़ और घर बर्फ की चादर से ढक गए हैं। रामबन की महू घाटी में ताजा बर्फबारी हुई। वहीं मैदानी इलाकों में बारिश शुरू हो गई है।
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देर से शुरू हुई है बर्फबारी
बता दें कि महीनों तक बर्फबारी नहीं होने की वजह से कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के पर्यटक स्थलों की सुंदरता को खतरा पैदा हो गया था। इसपर चिंता व्यक्त की जा रही थी। यहां तक कि लद्दाख और हिमाचल में भी बर्फ नहीं पड़ रही थी। ऐसे इलाके जो ठंड की शुरुआत में ही बर्फ से ढक जाते हैं वहां बिल्कुल सूखे जैसे हालात थे। इसकी तस्वीरें भी सामने आईं थीं जिसमें पहले और बाद की स्थिति को दिखाया गया था। आखिर क्या वजह थी कि भारत का स्विजटरलैंड कहा जाने वाले कश्मीर में इतनी देर से बर्फबारी शुरू हुई है।
पर्यटकों की संख्या हुई कम
कश्मीर के गुलमर्ग, लद्दाख और हिमाचल में बर्फबारी नहीं होने की वजह मौसम में बदलाव है। इसकी वजह से पर्यटकों का आना भी कम हुआ है। जिससे स्थानीय लोगों के रोजगार पर भी असर पड़ा है। साल 2023 के जनवरी महीने में गुलमर्ग में 96 हजार पर्यटक पहुंचे थे। जबकि इस साल इसमें करीब 60 प्रतिशत की कमी होने की बात कही जा रही है।
बर्फबारी देर से होने की वजह
बर्फबारी नहीं होने की वजह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) है। ग्लोबल वार्मिंग की वजह से तापमान बढ़ान भी इसकी वजह है। अल नीनो को भी इसकी वजह बताई जा रही है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस में ईरान और अफगानिस्तान की तरफ से आने वाले हवाएं हैं। ये हवाएं अपने साथ नमी लेकर आती हैं। ये हवाएं जब पहाड़ों से टकराती हैं तो ये बर्फबारी की वजह बनती हैं। इस साल वेस्टर्न डिस्टर्बेंस बहुत कमजोर रहा।
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