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जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन से रामनगर SDM और बेटे की मौत, अन्य परिजन घायल

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में रामनगर के उप-जिलाधिकारी (SDM) राजिंदर सिंह राणा और उनके बेटे की एक भयानक भूस्खलन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा रियासी जिले के धरमारी क्षेत्र के पास सलुख इख्तर नाला में हुआ, जब उनकी बोलेरो गाड़ी भूस्खलन की चपेट में आ गई। इस घटना में राजिंदर सिंह की पत्नी, उनके चचेरे भाई और चचेरे भाई की पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हो गए।

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में रामनगर के उप-जिलाधिकारी (SDM) राजिंदर सिंह राणा और उनके बेटे की सलुख इख्तर नाला क्षेत्र में हुए भीषण भूस्खलन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा धरमारी क्षेत्र के पास हुआ। हादसे में उनकी कार भारी मलबे और चट्टानों के नीचे दब गई। इस हादसे में राजिंदर सिंह की पत्नी, उनके चचेरे भाई और चचेरे भाई की पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हो गए।

जा रहे थे पैतृक गांव

राजिंदर सिंह राणा अपने परिवार के साथ धरमारी से अपने पैतृक गांव पट्टिया की ओर जा रहे थे। तभी सलुख इख्तर नाला क्षेत्र में अचानक भूस्खलन हुआ और उनकी गाड़ी मलबे की चपेट में आ गई। भारी चट्टानों और मिट्टी के नीचे गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे SDM राजिंदर सिंह और उनके बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में घायल हुए तीन अन्य परिवारजनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। बचाव दल ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को मलबे से निकाला और अस्पताल भेजा

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घटनास्थल पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी

हादसे की खबर मिलते ही रियासी जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आए। बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किए और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय लोगों ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। राजिंदर सिंह राणा एक समर्पित और लोकप्रिय अधिकारी थे, जिन्होंने रामनगर में अपने कार्यकाल के दौरान जनसेवा के लिए काफी सम्मान अर्जित किया था।

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रियासी में भूस्खलन का रहता है खतरा

रियासी जिला पहाड़ी क्षेत्र में बसा है। यह जगह मॉनसून के दौरान भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के लिए बेहद संवेदनशील है। भारी बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मॉनसून के दौरान पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की पूरी जानकारी लें।

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