महाराष्ट्र सरकार ने उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए राज्य में तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है. इसी के मद्देनजर 28 जनवरी से 30 जनवरी 2026 तक राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज बंद रखने का आदेश दिया गया है. बारामती में हुए विमान हादसे की खबर ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है, जिसके सम्मान में शैक्षणिक संस्थान शुक्रवार को भी बंद रहेंगे. मुंबई यूनिवर्सिटी ने भी इस दौरान होने वाली अपनी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है और नई तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी.
स्थानीय स्तर पर बड़ा फैसला
तेलंगाना के मुलुगु जिले में 'मेदारम जतारा' उत्सव के कारण 30 जनवरी को स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है. जिलाधिकारी के आदेशानुसार जिले के सभी स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर इस दिन बंद रहेंगे ताकि लोग एशिया के इस सबसे बड़े आदिवासी त्योहार में शामिल हो सकें. हालांकि यह छुट्टी केवल मुलुगु जिले और प्रभावित क्षेत्रों तक ही सीमित है, राज्य के बाकी हिस्सों में स्कूल सामान्य रूप से खुले रहेंगे. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस छुट्टी की भरपाई के लिए 14 फरवरी (दूसरे शनिवार) को वर्किंग डे रखा जाएगा.
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मौसम की स्थिति पर रहेगी नजर
दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कल यानी 30 जनवरी को स्कूलों में छुट्टी का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है. शीतलहर और सर्दियों की लंबी छुट्टियों के बाद अब नियमित कक्षाएं फिर से शुरू हो चुकी हैं, इसलिए छात्रों को समय पर स्कूल पहुंचने की सलाह दी गई है. हालांकि उत्तर भारत में घने कोहरे और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन फिलहाल शिक्षा विभाग ने बंद का कोई नोटिस जारी नहीं किया है. अभिभावकों को सुझाव दिया जाता है कि वे किसी भी भ्रम से बचने के लिए स्कूल के आधिकारिक ग्रुप या नोटिस बोर्ड को चेक करते रहें.
सोशल मीडिया की अफवाहों से बचें
स्कूलों की छुट्टी को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैलती हैं, जिनसे छात्रों और पेरेंट्स को बचना चाहिए. किसी भी राज्य या जिले में छुट्टी का निर्णय स्थानीय प्रशासन या शिक्षा विभाग द्वारा ही लिया जाता है. अगर भारी बारिश या कड़ाके की ठंड जैसे हालात बनते हैं, तभी आखिरी समय में छुट्टी की घोषणा की जाती है. सुरक्षित रहने के लिए केवल भरोसेमंद समाचार स्रोतों और स्कूल द्वारा भेजे गए मैसेज पर ही यकीन करें. छुट्टी न होने की स्थिति में बच्चे अपने प्रोजेक्ट और पढ़ाई का काम नियमित रूप से जारी रखें.