Samvidhan Hatya Divas: सत्ता के गलियारों में एक नया मुद्दा सामने आया है। गृह मंत्री अमित शाह ने 25 जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है। गृह मंत्री के इस ऐलान के बाद विपक्ष भी जमकर पलटवार करता दिखाई दे रहा है। मगर सवाल ये है कि 25 जून ही क्यों? 25 जून को ऐसा क्या हुआ था? आपातकाल के दौरान संविधान क्यों सवालों के कठघरे में आ गया?
गृह मंत्री के ऐलान के बाद भारत दुनिया का पहला देश बन गया है, जहां 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है और अब 25 जून को संविधान हत्या दिवस भी मनाया जाएगा। संयोगवश इसी साल सितंबर में अभिनेत्री कंगना रनौत की मोस्ट अवेटेड मूवी इमरजेंसी भी रिलीज हो रही है। पिछले महीने बीजेपी सांसद बनीं कंगना की ये फिल्म भी आपातकाल पर आधारित है।
पहली और आखिर बार लगी थी इमरजेंसी
बता दें कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक देख में आपातकाल की घोषणा की थी। इससे पहले बहुत कम लोगों को संविधान में मौजूद आपातकाल के बारे में पता था। भारतीय संविधान में आपातकाल का प्रावधान जर्मनी से लिया गया है। संविधान के अनुच्छेद 352-360 में तीन तरह की इमरजेंसी का जिक्र मौजूद हैं। इस लिस्ट में नेशनल इमरजेंसी, संवैधानिक इमरजेंसी और फाइनेंशियल इंमरजेंसी का नाम शामिल है। नेशनल इमरजेंसी यानी राष्ट्रीय आपातकाल देश में सिर्फ एक बार 1975 में लगा है। वहीं संवैधानिक आपातकाल कई बार अलग-अलग राज्यों पर लगाया जा चुका है। इसे राष्ट्रपति शासन भी कहा जाता है। हालांकि फाइनेंशियल इमरजेंसी देश में कभी नहीं लगी है।
‘मिनी कॉन्स्टीट्यूशन’
इमरजेंसी के दौरान संविधान में कई बड़े बदलाव किए गए थे। इस दौरान 42वां संवैधानिक संशोधन अधिनियम लागू किया गया। इस अधिनियम को ‘मिनी कॉन्स्टीट्यूशन’ भी कहा जाता है। इस अधिनियम के तहत संविधान की प्रस्तावना में पंथ निर्पेक्ष और समाजवादी जैसे शब्द जोड़े गए थे। इसके अलावा राज्य के नीति निदेशक तत्वों में भी बदलाव किए गए। लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल 5 साल से बढ़ाकर 6 साल कर दिया गया। साथ ही संविधान में मूल कर्तव्य (Fundamental Duties) के रूप में नया अनुच्छेद 51A जोड़ा गया था।
21 महीने का आपातकाल
25 जून 1975 से लेकर 21 मार्च 1977 तक देश में 21 महीने का आपातकाल लगा था। इस दौरान मूल अधिकारों को सस्पेंड कर दिया गया। लोगों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए थे। मीडिया की स्वतंत्रता और चुनाव का अधिकार भी रद्द हो गया था। साथ ही विपक्ष के कई नेताओं और सरकार के खिलाफ बोलने वालों को भी जेल में बंद कर दिया गया था। इस लिस्ट में कई दिग्गज हस्तियों के नाम शामिल थे।
यह भी पढ़ें- ‘बालासाहेब ठाकरे-RSS ने किया था इमरजेंसी का समर्थन…’ संविधान हत्या दिवस पर संजय राउत का बड़ा बयान
संबंधित खबरें
Kal Ka Mausam: दिल्ली-NCR में साफ रहेगा आसमान, विदाई की राह पर मानसून; कुछ राज्यों में हो सकती है हल्की बूंदा-बांदी
8 hrs agoअचानक बस कंडक्टर की तरह टिकट क्यों काटने लगे सीएम विजय? महिलाओं ने मुख्यमंत्री की उतारी बलाएं
11 hrs agoस्मित मच्छार को देश का बड़ा सम्मान देगा इजरायल, राजदूत ने किया ऐलान; बोले- इस उपकार को कभी नहीं भूलेंगे
11 hrs agoBSF ने ढेर किए 2 घुसपैठिए, पंजाब के तरनतारन में सीमा पार करने की कोशिश में थे पाकिस्तानी
15 hrs agoपहलगाम हमले के आखिरी आतंकी हाशिम मूसा को सेना ने कैसे किया ढेर? 527 दिन से चल रही थी तलाश
15 hrs agoलद्दाख में चीन सीमा के पास बनेगी 150 किमी लंबी सड़क, DBO और डेपसांग तक पहुंचेगी सेना की रसद
17 hrs ago'हनुमान जी ने बचाया...', कैप्टन मच्छार ने PM मोदी को फोन कॉल पर बताया, हमले के वक्त कैसे मिली हिम्मत
17 hrs ago'बापू के सम्मान में खरीदें खादी', गांधी जयंती पर PM मोदी ने देशवासियों से की खास अपील
17 hrs ago'SIR में कट गया नाम तो ना हों परेशान', 20 राज्यों में चलेगा चुनाव आयोग का अभियान, घर-घर जाकर फॉर्म 6 भरवाएंगे BLO
18 hrs agoiPhone Users Good News: भारत में शुरू हुई Apple Pay सर्विस, जानिए बिना OTP और PIN के कैसे होंगे पेमेंट
18 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines