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देश की ‘मिनी बुलेट ट्रेन’ रैपिड रेल दौड़ने को तैयार; लॉन्चिंग-सफर करने की तारीख और रूट को लेकर ताजा अपडेट

India's Mini Bullet Train: रैपिड रेल दौड़ने के लिए तैयार है। इसके रूट, किराये और लोग इसमें कब से सफर कर सकेंगे, इसे लेकर ताजा अपडेट सामने आया है।

India's Mini Bullet Train
India's Rapid Rail Route Fair Launching Date: देश की 'मिनी बुलेट ट्रेन' रैपिड रेल दौड़ने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 अक्टूबर के आस-पास इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर सकते हैं, हालांकि अभी तारीख फाइनल नहीं हुई, लेकिन उद्घाटन समारोह की तैयारियां चल रही हैं। वहीं उद्घाटन के अगले दिन से ट्रैक पर 10 रैपिडएक्स ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। अगले दिन से ही लोग इनमें सफर भी कर सकेंगे। सुबह 6 बजे से यह ट्रेन दौड़ने लगेगी। गुजरात से 10 ट्रेनें गाजियाबाद आ चुकी हैं। करीब 160 किलोमीटर की स्पीड से दौड़ने वाली ट्रेन पहले फेज में करीब 17 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इसके लिए 5 स्टेशन साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई में बनाए गए हैं। यह भी पढ़ें: देश के 10 बड़े शहर, जहां तरक्की के है भरपूर चांस; लिविंग स्टैंडर्ड भी है एकदम हाई टिकट काउंटर बने, वेंडिंग मशीनें लगाई गईं नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन यानी NCRTC के अनुसार, रैपिड रेल से दिल्ली और मेरठ को जोड़ा जाएगा। मेरठ से दिल्ली और दिल्ली से मेरठ आने-जाने वाले लोगों का टाइम और पैसा दोनों बचेगा। 2 तरह की रैपिड रेल दौड़ेंगी। एक ट्रेन मोदीपुरम से बेगमपुर-प्रतापपुर होते हुए दिल्ली के सराय काले खां जाएगी, जो रैपिड रेल कहलाएगी। दूसरी मोदीपुरम से बेगमपुर होते हुए प्रतापपुर जाएगी, जिसका नाम मेरठ मेट्रो होगा। हर 10 से 15 में ट्रेन आती-जाती रहेगी। ट्रेन 40 से 55 मिनट में उनके स्टॉपेज तक पहुंचा देगा। इस ट्रेन में हर रोज करीब 7 से 8 लाख लोगों के सफर करने की उम्मीद है। टिकट के लिए वेंडिंग मशीनें स्टेशनों पर लगाई गई हैं। टिकट काउंटर से भी ले सकेंगे। किराया तय होते ही मशीनों में रेट अपलोड हो जाएंगे। यह भी पढ़ें: क्या लड़कियों-महिलाओं का छोटे-छोटे कपड़े पहन उत्तजेक डांस करना अश्लीलता है? हाईकोर्ट ने समझाई परिभाषा

रैपिड रेल के फीचर्स काफी शानदार

NCRTC अधिकारियों के अनुसार, रैपिड रेल हवाई जहाज जैसे सफर का अहसास कराई। इसके लिए स्टेशन मोर पंख के डिजाइन में होंगे, जो बाहर से नीले रंग के शेड में नजर आएंगे। स्टेशन की छतों के दोनों किनारे ऐसे उठे होंगे कि वे ट्रेन की स्पीड का प्रतीक होंगे। स्टेशनों पर ऐस्कलेटर और लिफ्ट लगी हैं। टिकट वेंडिंग मशीनें (TVM) लगी हैं। सभी स्टेशन जमीन से करीब 50 से 100 फीट ऊंचाई पर बने हैं। ट्रेन 6 कोच और आमने-सामने बैठने के लिए 2×2 सीटें होंगी। यात्री खड़े होकर सफर कर सकेंगे। एनर्जी की भी बचत होगी।ऑटोमेटिक प्लग-इन डोर, खोलने-बंद करने को पुश बटन होंगे। हर स्टेशन पर सभी दरवाजों को खोलने की जरूरत नहीं होगी। मुफ्त वाईफाई, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, सामान रखने की जगह होगी। यह भी पढ़ें: सरेआम कत्लेआम, काटे जा रहे गले, मारी जा रहीं गोलियां…इजरायल से लौटे भारतीयों से सुनाई हमास लड़ाकों की दरिंदगी की कहानी रैपिड रेल में इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलेगा। एक कोच महिलाओं के लिए रिजर्व रहेगा। प्रत्येक कोच में 10-10 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व की जाएंगी। महिला कोच की एंट्री गेट पर मार्शल तैनात रहेंगे, ताकि कोई पुरुष न जाने पाए। यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (PSD) लगाए जाएंगे। हर कोच में एक स्ट्रेचर होगा। दिव्यांगों के लिए सीटें अलग से है। यात्री कोच के अंदर ही वेंडिंग मशीन से चाय या कॉफी ले सकेंगे। स्क्रीन पर उन्हें मौसम, ट्रेन की स्पीड, आने वाले स्टेशन की जानकारी मिलती रहेगी।


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