Congress Rejected Ram Mandir Ayodhya Pran Pratishtha Invitaion: राम मंदिर अयोध्या और कांग्रेस को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। कांग्रेस ने राम मंदिर अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का न्योता अस्वीकार कर दिया है। कांग्रेस का कहना है कि उनकी पार्टी से कोई भी राम मंदिर अयोध्या नहीं जाएगा। न ही सोनिया गांधी और न ही मल्लिकार्जुन खड़गे समारोह में शामिल होंगे, क्योंकि यह भाजपा और RSS कार्यक्रम है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बयान जारी करके यह जानकारी दी। उन्होंने भाजपा पर अधूरे मंदिर को बनवाकर और उसका उद्घाटन करके चुनावी एजेंडे पूरा करने का आरोप लगाया।
भाजपा-RSS पर राजनीतिक प्रोजेक्ट बनाने का आरोप
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बयान जारी करके बताया कि कांग्रेस के ससंदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्षी दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को पिछले महीने प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण पत्र मिला था। लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को भी 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आने का निमंत्रण मिला है, लेकिन भाजपा और RSS ने काफी लंबे समय से राम मंदिर को राजनीतिक प्रोजेक्ट बनाया हुआ, जिस वजह यह कार्यक्रम अब RSS और भाजपा का निजी कार्यक्रम बन गया है, जबकि धर्म किसी का निजी नहीं होता, राम मंदिर पूरे देश का है।
समारोह को भाजपा के शक्ति प्रदर्शन का बहाना बताया
जयराम रमेश ने कहा कि 2024 में लोकसभा चुनाव हैं, इसलिए भाजपा और RSS राम मंदिर का उद्घाटन चुनाव में लाभ लेने के लिए कर रहे हैं। कांग्रेस ने 2019 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन किया था। भगवान राम में आस्था रखने वाले लाखों लोगों की भावनाओं का भी सम्मान करते हैं, लेकिन जिस तरह से राम मंदिर को शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बनाया जा रहा है, उसे देखते हुए कांग्रेस समारोह का हिस्सा नहीं बनेगी। मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और अधीर रंजन चौधरी ने आपस में विचार विमर्श करके यह फैसला लिया है।