Ram Mandir Ayodhya PM Modi Interesting Story (मानस श्रीवास्तव, अयोध्या): राम मंदिर अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होने जा रही है। इससे पहले देशभर में राममय माहौल बना हुआ है। राम मंदिर और रामलला की क्रेज लोगों में देखने को मिल रहा है। हर कोई अपने-अपने तरीके से राम मंदिर और भगवान राम में अपनी अटूट आस्था व्यक्त कर रहा है। राम मंदिर आंदोलन, अयोध्या में रामलला की अस्थायी स्थापना, राम मंदिर के निर्माण से जुड़े कई किस्से प्रचलित हो रहे हैं। ऐसा ही एक किस्सा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रामलला से जुड़ा सामने आया है, जिसे देखकर आपको अंदाजा हो जाएगा कि राम मंदिर और रामलला में प्रधानमंत्री मोदी की कितनी अटूट आस्था है?
14 जनवरी 1992 को मोदी आए थे अयोध्या
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान रामलला को लगातार देख रहे थे। उनके हाथ में प्रसाद था और वह मुस्कुरा रहे थे कि पत्रकार ने सवाल पूछ लिया कि क्या आप भगवान से बात कर रहे हैं। मोदी मुस्कुराए और प्रसाद का डिब्बा लेकर बाहर निकले तो फिर पत्रकार ने पूछा कि अब कब आएंगे? यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब तभी आऊंगा, जब भगवान राम का मंदिर बन जाएगा और यह बात सच भी साबित हुई। 1991 के बाद PM मोदी 2020 में भूमि पूजन के दौरान जन्मभूमि पर आए और भगवान श्री राम के दर्शन किए। यह वाकया 14 जनवरी 1992 के दिन का है। तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी के साथ एक यात्रा लेकर मोदी जी अयोध्या आए थे। उस वक्त भगवान राम के मंदिर में एकमात्र स्टूडियो था, जो विश्व हिंदू परिषद की तरफ से एक स्वतंत्र पत्रकार और छायाकार महेंद्र त्रिपाठी चलाते थे।
गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे तब नरेंद्र मोदी
मंदिर परिसर में फोटो खींचने की अनुमति भी महेंद्र त्रिपाठी को थी, लेकिन जब महेंद्र त्रिपाठी ने मोदी जी को देखा तो मुरली मनोहर जोशी से पूछा कि यह कौन हैं तो जोशी ने बताया कि यह गुजरात के नेता नरेंद्र मोदी हैं। इसके बाद महेंद्र त्रिपाठी ने देखा कि वे काफी देर तक रामलला को निहारत रहे और वहीं पर काफी देर तक रुके रहे। पत्रकार ने मोदी जी से पूछा कि वह भगवान से क्या मांग रहे हैं तो मोदी जी ने कुछ बोला नहीं और मुस्कुरा कर वहां से बाहर निकल आए। बाहर फोटोग्राफर ने प्रसाद का डिब्बा लिए हुए मोदी जी और मुरली मनोहर जोशी की फोटो भी खींची और पूछा कि अब वह अयोध्या कब आएंगे तो उन्होंने कहा कि अब मैं तभी आऊंगा, जब अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बन जाएगा। मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने तो साथियों ने महेंद्र त्रिपाठी से कहा कि वह एक बार उनसे मुलाकात करें।
अगस्त 2020 में भूमि पूजन पर आए PM मोदी
हालांकि मौका नहीं मिला, लेकिन जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन गए और यह कहा जाने लगा कि वह अब तक अयोध्या में दर्शन करने क्यों नहीं आए, तब महेंद्र त्रिपाठी ने इस कहानी का खुलासा किया और लोगों को बताया कि 14 जनवरी 1992 को उनका मोदी जी से क्या संवाद हुआ था और उस प्रतिज्ञा के बारे में भी बताया कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तभी आएंगे, जब भगवान राम मंदिर बनेगा। यह सच भी हुआ। 5 अगस्त 2020 को मोदी जी सीधे भूमि पूजन के कार्यक्रम में पहुंचे और रामलला के दर्शन किए। 1992 के बाद महेंद्र त्रिपाठी ने फोटो खींचना बंद कर दिया और कैमरा भी रख दिया, लेकिन उन्होंने भी संकल्प लिया था कि अब वह फोटो तभी क्लिक करेंगे, जब भगवान का मंदिर बन जाएगा। इस दौरान वह अलग-अलग अखबारों में खबरें तो लिखते रहे, लेकिन कैमरे को हाथ नहीं लगाया। अब महेंद्र त्रिपाठी की उस फोटोग्राफ को प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया था। महेंद्र त्रिपाठी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण भी मिला हुआ है।
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