Ayodhya Ram Mandir New Name Balak Ram Mandir: अयोध्या के राम मंदिर और रामलला को नया नाम मिल गया है। दोनों अब नए नाम से जाने जाएंगे।
प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में हिस्सा लेने वाले पुजारी अरुण दीक्षित ने PTI को बताया कि रामलला अब बालक राम के नाम से पुकारे जाएंगे। वहीं राम मंदिर को अब बालक राम मंदिर के नाम से बुलाया जाएगा।
रामलला को नाम 'बालक राम' देने का कारण यह है कि वह एक बच्चे जैसे दिखते हैं, जिनकी उम्र 5 साल है। क्योंकि मंदिर बालक राम का है, इसलिए मंदिर को बालक राम का मंदिर कहा जाएगा।
पूजा और आरती में भी बदलाव किए गए
मंदिर के पुजारियों के ट्रेनर आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण ने मीडिया को बताया कि 24 घंटे में आठों पहर रामलला की अष्ट्याम सेवा और 6 बार आरती होगी। आरती में शामिल होने के इच्छुक भक्तों को स्पेशल पास जारी किए जाएंगे। आरती में मंगला, श्रृंगार, भोग, उत्थापन, संध्या, शयन आरती शामिल होंगी।
मंगला आरती रामलला को जगाने के लिए की जाएगी। श्रृंगार आरती रामलला का श्रृंगार करते समय की जाएगी। भोग आरती में रामलला को खाना खिलाया जाएगा। रामलला को बुरी नजर से बचाने के लिए उत्थापन आरती की जाएगी। रामलला को सुलाने के लिए संध्या आरती होगी। इस बीच महाआरती होगी।
रामलला के भोग में शामिल होंगे ये चीजें
पुजारी के अनुसार, रामलला को पूड़ी-सब्जी, रबड़ी-खीर का भोग लगाया है। दोपहर बाद हर एक घंटे में उन्हें दूध-फल और पेड़े भोग में दिए जाएंगे। रामलला सोमवार से रविवार तक हर रोज नए कपड़े पहनेंगे।
सोमवार को सफेद, मंगलवार को लाल, बुधवार को हरे, गुवार को पीले रंग के कपड़े पहनेंगे। उन्हें शुक्रवार को क्रीम, शनिवार को नीले और रविवार को गुलाबी रंग के कपड़े पहनाएं जाएंगे। खास दिनों में रामलला पीतांबर वस्त्र धारण करेंगे।