केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली में एक बड़ा एलान करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड में रेलवे के विकास के लिए अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बजट आवंटित किया है. इस बार राज्य को रेलवे के लिए 7,536 करोड़ रुपये दिए गए हैं जो पिछली सरकारों की तुलना में कई गुना अधिक है. रेल मंत्री ने साफ किया कि झारखंड में रेल सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए करीब 63,470 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर इस वक्त तेजी से काम चल रहा है. केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के कोने-कोने को बेहतर रेल कनेक्टिविटी से जोड़ा जाए ताकि वहां के लोगों का सफर आसान और आरामदायक हो सके.
धनबाद से कोयंबटूर का सफर होगा आसान
रेल मंत्री ने झारखंड के यात्रियों के लिए खुशखबरी देते हुए बताया कि राज्य को जल्द ही कई नई प्रीमियम ट्रेनों की सौगात मिलने वाली है. उन्होंने कहा कि झारखंड के लिए 12 से ज्यादा वंदे भारत ट्रेनें और 4 अमृत भारत ट्रेनें पहले से ही योजना में हैं जबकि 2 और नई अमृत भारत ट्रेनों को मंजूरी दे दी गई है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि धनबाद से कोयंबटूर के बीच चलने वाली अमृत भारत ट्रेन बहुत जल्द शुरू होने वाली है. इन आधुनिक ट्रेनों के चलने से न केवल समय की बचत होगी बल्कि झारखंड के लोगों को विश्वस्तरीय सुविधाएं भी मिल सकेंगी.
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सालों से अटके प्रोजेक्ट्स को मिली रफ्तार
अश्विनी वैष्णव ने यह भी बताया कि झारखंड में जो रेल प्रोजेक्ट्स कई सालों से ठंडे बस्ते में पड़े थे अब उन्हें फास्ट ट्रैक मोड पर डाल दिया गया है. कई नए कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है और उनकी मंजूरी की प्रक्रिया भी अंतिम चरणों में है. सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि कोयला खदानों और औद्योगिक क्षेत्रों को मुख्य रेल लाइनों से जोड़कर माल ढुलाई और यात्री सेवाओं को बेहतर बनाया जाए. आने वाले समय में ये निवेश झारखंड की आर्थिक तस्वीर बदलने में बड़ी भूमिका निभाएंगे और राज्य के विकास को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे.