भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होगा 114 राफेल लड़ाकू विमान. फ्रांस से खरीदे जाने वाले इस लड़ाकू विमान पर 3.25 लाख करोड़ रुपये रक्षा मंत्रालय करेगी खर्च. इस खरीद के बाद से इंडियन एयरफोर्स की ताकत में और ज्यादा इजाफा हो जाएगा. आपको बता दें कि इस बार जो राफेल इंडियन एयरफोर्स को दिया जाएगा उसमें 30 प्रतिशत आत्म निर्भर भारत से बने सामानों को लगाया जाएगा.
भारतीय रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक इस बार फ्रांस को दो टूक में कहा दिया गया है कि राफेल फाइटर विमान में उनके आर्म्स और सिस्टम को ही लगाया जा सके. इसके बदले राफेल का सोर्स कोड फ्रांस के पास रहने की बात कही गई है. आपको बता दें कि अमेरिका और रूस ने भी भारत को F-35 और Su-57 जैसे पांचवीं पीढ़ी के विमान देने का ऑफर किया है. लेकिन ऑपेरशन सिन्दूर के वक्त राफेल ने अपना दमखम पाकिस्तान के खिलाफ दिखा कर यह साबित कर दिया कि जरूरत पड़ने पर भारतीय सेना के लिए रीढ़ बनकर खड़ा रह सकता है और यही वजह है कि भारतीय रक्षा मंत्रालय ने राफेल की अगली खेप लेने के लिये मन बना लिया है.
---विज्ञापन---
यह भी पढ़ें: भारतीय आर्मी चीफ की हुंकार से हड़बड़ाया मुनीर, हाई अलर्ट पर है पाकिस्तानी सेना… आखिर किस बात का डर?
---विज्ञापन---
मिली जानकारी के मुताबिक फ्रांस की कंपनी डासौल्ट भारत में राफेल के M-88 इंजन की मेंटनेंस और इसकी रख-रखाव का भी ध्यान रखेगी. भविस्य के युद्ध को देखते हुए भारतीय रक्षा मंत्रालय अपने फाइटर जेट के बेड़े में ज्यादा से ज्यादा विमान को शामिल करने में लगी हुई है. भारत के पास पहले से ही 36 राफेल है और भारतीय नौसेना ने 26 राफेल का ऑर्डर भी दिया है. ऐसे में अगर यह नया सौदा मंजूर हो जाता है, तो भारत के पास कुल 176 राफेल विमान होंगे.