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पंजाब-हरियाणा जल विवाद को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, भाखड़ा बांध की सुरक्षा के लिए उठाया ये कदम

पंजाब-हरियाणा जल विवाद को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया और सीआईएसएफ को भाखड़ा बांध की सुरक्षा सौंप दी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दोनों राज्यों के बीच जल विवाद को सुलझाने के निर्देश दिए थे।

भाखड़ा बांध
पंजाब-हरियाणा जल विवाद को लेकर केंद्र सरकार ने बुधवार को बड़ा कदम उठाते हुए भाखड़ा बांध की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया। दोनों राज्यों के बीच बढ़ते विवाद के बाद केंद्र ने भाखड़ा बांध की सुरक्षा के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को तैनात कर दिया। जानें क्या है पूरा मामला? पंजाब सरकार ने हाल ही में भाखड़ा बांध पर पुलिस बल तैनात किया था और जब बीबीएमबी के चेयरमैन पानी छोड़ने गए तो उन्हें बंधक बना लिया गया। केंद्र सरकार ने सीआईएसएफ के 296 पदों को मंजूरी दी थी। केंद्र ने डैम की सुरक्षा के लिए 8 करोड़ 59 लाख की राशि आवंटित की। भाखड़ा डैम पर सीआईएसएफ सुरक्षा बलों के रहने, संचार, आने-जाने की व्यवस्था और अन्य जरूरी सहूलियतें करने के भी निर्देश दिए गए। यह भी पढ़ें : पंजाब-हरियाणा पानी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फरमान, केंद्र को सहयोग करें दोनों राज्य

केंद्र सरकार ने क्यों उठाया ये कदम?

भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड के पानी पर हरियाणा पंजाब के विवाद को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा एक्शन लिया। पंजाब सरकार के द्वारा पंजाब के नंगल में भाखड़ा डैम पर पंजाब पुलिस फोर्स लगाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाए। भाखड़ा डैम की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नए आदेश जारी किए। इस आदेश के अनुसार अब भाखड़ा डैम की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जिम्मे होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को क्या दिए निर्देश?

जब पंजाब और हरियाणा के बीच जल विवाद का मामला नहीं सुलझा तो सुप्रीम कोर्ट ने सतलुज-यमुना लिंक कैनाल (SYL) नहर विवाद को लेकर केंद्र सरकार को निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि इस मामले में दोनों राज्य केंद्र सरकार को सहयोग करें। साथ ही कोर्ट ने कहा कि अगर यह विवाद नहीं सुलझा तो 13 अगस्त को फिर सुनवाई होगी।

जानें क्या है SYL विवाद?

जब साल 1966 में संयुक्त पंजाब से अलग हरियाणा एक राज्य बना था, तब से दोनों राज्यों के बीच पानी का विवाद चल रहा है। 10 साल तक चले लंबे विवाद के बाद 1976 में पंजाब-हरियाणा के बीच पानी का विवाद समाप्त हो गया। इसके बाद सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर का नया मामला सामने आया। इसे लेकर साल साल 1981 में समझौता हुआ और 1982 में तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी ने इसका निर्माण कार्य शुरू कराया और अबतक 90 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। यह मामला तब और तूल पकड़ लिया, जब साल 2004 में पंजाब ने समझौता को मानने से इनकार कर दिया। यह भी पढ़ें : जल विवाद पर पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, हरियाणा को नहीं देगा पानी, CM मान बोले- पूरा डेटा उपलब्ध


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