वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हिंसा हुई, जिसमें 15 पुलिसकर्मी घायल हुए। 4 आम लोग घायल हुए। अब तक 136 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं और 3 लोगों की मौत हो चुकी है। हिंसा का मामला कोलकाता हाईकोर्ट तक पहुंचा। बेंच ने हिंसा को रोकने में फेल होने पर बंगाल पुलिस को फटकार लगाई।
पहले इलाके में पैरामिलिट्री फोर्स की 15 कंपनियों ने मोर्चा संभाला था और अब BSF की 5 कंपनियों ने मोर्चा संभाल लिया है। कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश पर ही BSF को तैनात किया गया है। साउथ बंगाल फ्रंटियर BSF के IG करणी सिंह शेखावत खुद मुर्शिदाबाद पहुंचे औ हालातों का जायजा लिया। उन्होंने DGP पश्चिम बंगाल के साथ बैठक भी की। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत की।
इंटरनेट बंद किया गया, 5 BSF कंपनियां तैनात
BSF के IG करणी सिंह शेखावत ने कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा हिंसा प्रभावित क्षेत्र में केंद्रीय बलों की तैनाती के आदेश दिए गए हैं। इसलिए खुद हालातों का जायजा लेने आया हूं। अभी हालात सामान्य हैं, लेकिन BSF ने मोर्चा संभाल लिया है। हालातों को काबू करने के लिए पुलिस के साथ मिलकर काम करना है। बंगाल पुलिस की मदद के लिए 5 कंपनियां भेजी हैं।
बंगाल पुलिस की मदद करने के लिए आए हैं, स्वतंत्र कार्रवाई के लिए नहीं। राज्य पुलिस की मांग के अनुसार ही काम करेंगे। उम्मीद है कि यहां जल्द ही शांति बहाल हो जाएगी। अगर पुलिस को और कंपनियों की जरूरत होगी तो मुहैया कराई जाएगी। BSF हर स्थिति के लिए तैयार है। हालातों को और खराब नहीं होने दिया जाएगा। इंटरनेट को भी बंद किया गया है, ताकि किसी तरह की अफवाह न फैले।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हिंसा भड़काने के आरोप
बता दें कि पश्चिम बंगाल की मख्यमंत्री ममता बनर्जीने राज्य में वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लागू करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने एक्स हैंडल पर पोस्ट लिखकर क्लीयर किया कि वे वक्फ कानून का समर्थन नहीं करती हैं। इसलिए वह इस कानून को राज्य में लागू नहीं करेंगी। कुछ लोग राजनीतिक रोटियां सेंकते हुए दंगे भड़काने की कोशिश कर रहे हैं, वे ऐसा न ही करें तो उनके लिए बेहतर होगा।