Priyanka Gandhi Haryana Money Laundering Case: हरियाणा में जमीन की खरीद फरोख्त से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की चार्जशीट में प्रियंका गांधी और उनके पति रॉबर्ट वाड्रा का नाम शामिल किया गया है। 'प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत केस दर्ज हुआ है और प्रवर्तन निदेशालय (ED) केस की जांच कर रहा है। फरीदाबाद में करीब 40 कनाल (5 एकड़) जमीन का घोटाला हुआ है। हालांकि दोनों का नाम बतौर आरोपी शामिल नहीं किया गया है, लेकिन कहा जा रहा है कि दोनों ने दिल्ली के एक एजेंट HL पाहवा के जरिए यह जमीन खरीदी थी। इस जमीन में रॉबर्ट वाड्रा और सीसी थंपी के अलावा प्रियंका गांधी का भी हिस्सा है। इस केस में सुमित चड्ढा, संजय भंडारी भी आरोपी हैं। थंपी-वाड्रा के बीच पैसे की ट्रांजेक्शन्स हुई हैं, जिनकी जांच में कई खुलासे हुए।
आखिर क्या है 5 एकड़ जमीन का मामला?
ED के सूत्रों के मुताबिक, हरियाणा के फरीदाबाद जिले में साल 2005-2006 में अमीपुर गांव में रॉबर्ट वाड्रा ने करीब 5 एकड़ जमीन खरीदी थी। इस जमीन की डील दिल्ली के प्रॉपर्टी डीलर HL पाहवा ने कराई थी। दिसंबर 2010 मे यह जमीन वापस पाहवा को बेच दी गई। साल 2006 में ही प्रियंका गांधी वाड्रा के नाम पर भी अमीपुर गांव में जमीन खरीदी गई थी। वह जमीन भी फरवरी 2010 में पाहवा को वापस बेच दी गई थी। पाहवा ने ही सीसी थंपी को भी अमीपुर गांव में जमीन दिलवाई थी। थंपी रॉबर्ट वाड्रा का करीबी है। दोनों मिलकर बिजनेस करने के अलावा कई तरह के काम करते हैं। थंपी पर आरोप है कि उसने NRI सुमित चड्ढा के साथ मिलकर आर्म्स डीलर संजय भंडारी की काली कमाई को इन्वेस्ट करने में मदद की है। इसलिए शक है कि अमीपुर में जो जमीन खरीदी गई, वह उसी पैसे से खरीदी गई।
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थंपी-भंडारी के चक्कर में फंसे रॉबर्ट-प्रियंका
संजय भंडारी पर पहले से मनी लॉन्ड्रिंग, विदेशी मुद्रा, ब्लैक मनी, कानूनों के उल्लंघन और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत कई केस दर्ज हैं। संजय भंडारी 2016 में भारत से फरार हो गया था और इन दिनों ब्रिटेन में रह रहा है। क्योंकि थंपी भी संजय भंडारी से जुड़े केसों में आरोपी है। थंपी के खिलाफ पहले से चल रहे एक केस में रॉबर्ट वाड्रा भी आरोपी है। क्योंकि जमीन खरीदी और बेची गई। इस खरीद फरोख्त में पैसे भी पूरे नहीं दिए गए। संजय भंडारी, सीसी थंपी और रॉबर्ट वाड्रा तीनों से जमीन का कनेक्शन है, इसलिए ED को शक है कि जमीन खरीदने और बेचने के पीछे कहानी कुछ और है। हालांकि अभी जांच चल रही है और मामले की तह तक जाने के लिए ही ED ने रॉबर्ट वाड्रा और प्रियंका गांधी का नाम चार्जशीट में शामिल किया है, लेकिन वे अभी आरोपी नहीं है। जांच पर आगामी कार्रवाई निर्भर करेगी।
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