Putin India visit: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे को यादगार बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दोस्त को खास तोहफे उपहार में दिए. इन खास तोहफों में महाराष्ट्र में हस्तनिर्मित चांदी का घोड़ा, आगरा में हस्तनिर्मित संगमरमर शतरंज सेट, मुर्शिदाबाद का चांदी से बना चाय का सेट, कश्मीर केसर, असम की ब्लैक टी शामिल थे. इन उपहारों ने भारत की विविध विरासत को उजागर किया. प्रत्येक वस्तु का चयन भारत और रूस के बीच लंबे और विकसित होते संबंधों का जश्न मनाने के लिए किया गया था.
इससे पहले राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 3वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन और राष्ट्रपति भवन में आयोजित डिनर के बाद शुक्रवार रात पालम एयरपोर्ट से मास्को के लिए रवाना हो गए. दो दिवसीय भारत यात्रा के दौरान पुतिन ने पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता समेत कई उच्च स्तरीय बैठकों में भाग लिया. विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर रूसी नेता को विदा करने के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद थे.
दोस्त पुतिन को दिए 6 अनमोल तोहफे कौन से?
बेहतरीन असम ब्लैक टी
- ब्रह्मपुत्र घाटी के उपजाऊ मैदानों में उगाई जाने वाली असम ब्लैक टी पारंपरिक प्रोसेसिंग के लिए जानी जाती है. 2007 में GI टैग से मान्यता प्राप्त यह चाय अपनी सांस्कृतिक विरासत के अलावा अपने मज़बूत माल्टी स्वाद के साथ स्वास्थ्य के लिए भी काफी फायदेमंद है. इसका हर कप आरामदायक और स्वास्थ्यवर्धक दोनों होता है.
पश्चिम बंगाल का चांदी वाला टी सेट
- मुर्शिदाबाद में जटिल नक्काशी से बना यह सजावटी चांदी का चाय का सेट पश्चिम बंगाल की समृद्ध कलाकारी और भारत और रूस में चाय के गहरे सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है. दोनों देशों में चाय जुड़ाव का प्रतीक है. स्नेह से उपहार में दिया गया यह सेट भारत-रूस की स्थायी दोस्ती चाय की परंपरा का जश्न मनाता है.
महाराष्ट्र का चांदी का घोड़ा
- महाराष्ट्र में हाथ की कारीगरी से बने चांदी के घोड़े में बारीक नक्काशी की गई है. यह भारत की धातु शिल्प परंपरा की बारीकियों को दिखाता है. भारतीय और रूसी दोनों संस्कृतियों में मनाए जाने वाले गौरव और वीरता का प्रतीक, यह साझा विरासत और आपसी सम्मान को दर्शाता है. इसकी आगे बढ़ती मुद्रा स्थायी और हमेशा आगे बढ़ती भारत-रूस साझेदारी का जीवंत उदाहरण है.
आगरा में बना मार्बल शतरंज सेट
- आगरा का यह हस्तनिर्मित मार्बल शतरंज सेट बेहतरीन कारीगरी का नमूना है. जो ODOP पहल के तहत क्षेत्र की पत्थर जड़ाई विरासत को उजागर करता है. इसमें व्यक्तिगत रूप से जड़े हुए डिजाइन विपरीत पत्थर के शतरंज के मोहरे और फूलों के डिज़ाइन से सजा हुआ एक चेकर वाला मार्बल बोर्ड है, जो उत्तर भारतीय कलात्मकता का उदाहरण है.
कश्मीरी केसर
- स्थानीय रूप से कोंग या ज़ाफ़रान के नाम से जाना जाता कश्मीरी केसर अपने समृद्ध रंग, सुगंध और स्वाद के लिए काफी मशहूर है. इसे कश्मीर के ऊंचे इलाकों में उगाया जाता है और इसका गहरा सांस्कृतिक और पाक महत्व है. GI और ODOP मान्यता द्वारा संरक्षित, यह विरासत, पारंपरिक हाथ से कटाई और स्थानीय किसानों के लिए आर्थिक मूल्य का प्रतिनिधित्व करता है.
रूसी भाषा में अनुवादित श्रीमद् भगवत् गीता
- प्रधानमंत्री मोदी ने बीते दिन रूसी राष्ट्रपति पुतिन को श्रीमद् भगवत् गीता की प्रति भी भेंट की, जो रूसी भाषा में अनुवादित थी. भगवत् गीता भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को दर्शाती है. इसका हमेशा रहने वाला ज्ञान नैतिक जीवन, मन पर काबू और मन की शांति के लिए प्रेरित करता है और इसके अनुवाद इसे दुनिया भर के आज के पाठकों के लिए आसान बनाते हैं.
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