लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जारी गतिरोध अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है. सूत्रों के मुताबिक विपक्ष के भारी हंगामे को देखते हुए सरकार अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब के बिना ही धन्यवाद प्रस्ताव को पास कराने की योजना बना रही है. बुधवार शाम को जब पीएम बोलने वाले थे तब राहुल गांधी द्वारा उठाए गए किताब विवाद के कारण सदन में जबरदस्त नारेबाजी हुई जिससे कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. सरकार का मानना है कि महत्वपूर्ण विधायी कार्यों में और देरी नहीं की जा सकती इसलिए अब प्रस्ताव को सीधे पारित कर गुरुवार से आम बजट 2026 पर चर्चा शुरू करने का फैसला लिया गया है. आजतक ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा है.
बीजेपी का गंभीर आरोप
बुधवार की घटना के बाद बीजेपी सांसदों ने विपक्षी सदस्यों पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं. सांसद मनोज तिवारी ने दावा किया कि विपक्षी सदस्य विरोध करते हुए प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंच गए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की महिला सदस्यों ने पीएम की चेयर का घेराव किया और उनकी मंशा प्रधानमंत्री पर शारीरिक हमला करने जैसी लग रही थी. बीजेपी का कहना है कि विपक्षी सांसद सदन में केवल चर्चा रोकने नहीं बल्कि मारपीट के इरादे से आए थे. दूसरी तरफ राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रधानमंत्री डरे हुए हैं और वे सच्चाई का सामना करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं.
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कल राज्यसभा में बोलेंगे पीएम मोदी
संसद में जारी इस टकराव के बीच रणनीति बनाई गई है कि प्रधानमंत्री गुरुवार को राज्यसभा में अपना जवाब देंगे. राज्यसभा में संबोधन के बाद दोनों सदनों से धन्यवाद प्रस्ताव को औपचारिक रूप से पास करा लिया जाएगा. इसके तुरंत बाद लोकसभा का पूरा ध्यान बजट चर्चा पर केंद्रित हो जाएगा ताकि देश की वित्तीय कार्यवाही समय पर पूरी हो सके. सरकार ने साफ कर दिया है कि विपक्ष के हंगामे के कारण देश के जरूरी कामों को नहीं रोका जाएगा. हालांकि विपक्ष के अड़ियल रुख को देखते हुए यह साफ है कि गुरुवार को भी संसद के दोनों सदनों में तीखी बहस और सियासी घमासान देखने को मिलेगा.