भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे हो गए हैं. इसी कड़ी में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज आज पहली बार भारत आ रहे है, वो दो दिन दौरे पर रहेंगे.इस दौरान वो 12 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अहमदाबाद में मुलाकात करेंगे, जिसके बाद दोनों साबरमती आश्रम जाएंगे और साबरमती रिवरफ्रंट पर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भी शामिल होंगे. प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर के बीच महात्मा मंदिर में द्विपक्षीय वार्ता भी होगी, जिसमें वो भारत-जर्मनी पॉलिटिकल पार्टनरशिप पर चर्चा करेंगे.
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क्यों खास है 8 अरब डॉलर की सबमरीन डील?
जर्मनी और भारत 8 अरब डॉलर की सबमरीन डील के आखिरी फेज पर काम कर रहे हैं. जानकारी के मुताबिक ये भारत का अबतक का सबसे बड़ा रक्षा समझौता होगा. ऐसा पहली बार होगा कि जर्मनी पनडुब्बी बनाने की तकनीक भारत को देने वाला है. अभी तक भारतीय नौसेना करीब एक दर्जन पुरानी रूसी सबमरीन और 6 नए फ्रांस मॉडल से काम चला रही है. अगर जर्मनी और भारत में 8 अरब डॉलर की सबमरीन डील पक्की हो जाती है तो भारत फ्रांस से तीन और सबमरीन नहीं खरीदेगा.
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पनडुब्बियों में क्या होगा खास?
जानकारी के मुताबिक नई सबमरीन एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन सिस्टम से लैस होंगी. इस सिस्टम की मदद से डीजल डीजल-इलेक्ट्रिक इंजन के मुकाबले पनडुब्बियां ज्यादा देर तक पानी में रह सकती हैं. इससे हिंद महासागर में भारत की निगरानी मजबूत होगी. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुताबिक भारत ग्लोबल लेवल पर मिलिट्री हार्डवेयर का दूसरा सबसे बड़ा आयात करने वाला देश है. जानकारी के मुताबिक भारत और जर्मनी में होने वाले समझौते का एक खास मकसद है. दरअसल भारत हथियारों के लिए रूस पर अपनी निर्भरता को कम करना चाहता है.
कई अहम मुद्दों पर होगी बात
पीएम मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की मुलाकात में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने वाली है. पीएम ऑफिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बैठक में बिजनेस और निवेश, टेक्नोलिजी, एजुकेशन, स्किल डेवलेपमेंट समेत कई मुद्दों पर बातचीत होगी.
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