PM Modi on Palestine: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिलिस्तीनी अथॉरिटी के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से आज फोन पर बात की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर लिखा, 'मैंने फिलिस्तीनी अथॉरिटी के राष्ट्रपति महामहिम महमूद अब्बास से बात करके गाजा के अल अहली अस्पताल में नागरिकों की मौत पर अपनी संवेदना व्यक्त की है। हम फिलिस्तीनी लोगों के लिए मानवीय सहायता भेजना जारी रखेंगे। बातचीत के दौरान मैंने पूरे क्षेत्र में आतंकवाद, हिंसा और बिगड़ती सुरक्षा की स्थिति पर गहरी चिंता साझा की और इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत के लंबे समय से चले आ रहे सैद्धांतिक रुख को दोहराया।'
पीएम मोदी ने गाजा में अल अहली अस्पताल में हुए धमाके में 500 से ज्यादा फिलिस्तीनी नागरिकों की की मौत पर शोक जाहिर किया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने फिलिस्तीनी लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने फिलिस्तीन को भोजन और दवाओं की मदद देने की बात कही। ऐसे वक्त में पीएम मोदी का राष्ट्रपति अब्बास से बात करना काफी मायने रखता है। पीएम मोदी के इस कदम से उन आलोचनाओं पर भी लगाम लगेगी, जिनमें पीएम मोदी पर संतुलित रुख अपनाने की बजाय इजरायल का इकतरफा समर्थन करने का आरोप लग रहा था।
शरद पवार के गाजा हमले की निंदा पर छिड़ा था विवाद
पीएम मोदी ने इसके पहले 7 अक्टूबर को इजरायल में हमास के आतंकी हमले की कड़ी निंदा की थी। पीएम ने कहा था कि आतंकवाद के खिलाफ भारत पूरी तरह इजरायल के साथ खड़ा है। पीएम मोदी के इस रुख की देश के पूर्व रक्षा मंत्री और एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने आलोचना की थी। पवार ने कहा था कि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी समेत भारत के सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों ने फिलिस्तीन के मुद्दे पर भारत की पुरानी नीति को कायम रखा था, जिसे पीएम मोदी ने बदल दिया है। पवार के बयान पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल समेत कई बीजेपी नेताओं ने कड़ी निंदा की थी।
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