प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में वैश्विक नेता बनना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत को केवल नई तकनीकों का कंज्यूमर बनकर नहीं रहना चाहिए. दिल्ली में चल रहे 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने न्यूज एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में ये बातें कहीं.
लॉन्ग टर्म विजन शेयर करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वह चाहते हैं कि भारत दुनिया की शीर्ष तीन एआई महाशक्तियों में शामिल हो. उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की ओर भारत की यात्रा एक स्पष्ट विचार पर आधारित है, और वह यह है कि देश को दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी खुद की तकनीक बनानी चाहिए.
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पीएम नरेंद्र मोदी के इंटरव्यू के अहम अंश:
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एआई इम्पैक्ट समिट का विजन - पीएम मोदी ने कहा कि एआई एक सिविलाइजेशनल टर्निंग पॉइंट पर पहुंच गया है. हालांकि, यह मानवीय क्षमताओं का विस्तार कर सकता है, लेकिन अगर इसे बिना अनगाइडेड छोड़ दिया जाए तो इसमें जोखिम भी हैं. इसीलिए यह समिट केवल 'इनोवेशन' पर ही नहीं, बल्कि 'इम्पैक्ट' पर भी केंद्रित है.
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ग्लोबल साउथ में पहली AI ग्लोबल समिट - भारत कम प्रतिनिधित्व वाली आवाजों को बुलंद करने के लिए ग्लोबल साउथ में पहले ग्लोबल AI समिट की मेजबानी कर रहा है.
विकसित भारत 2047 में एआई की भूमिका - पीएम मोदी ने एआई को भारत की विकास यात्रा के लिए एक ट्रांसफॉर्मेटिव टूल बताया. उन्होंने बीमारी का जल्दी पता लगाने के लिए हेल्थ केयर, भारतीय भाषाओं में पर्सनलाइज्ड लर्निंग के जरिए एजुकेशन में, और एआई-बेस्ड फसल एवं वेदर एडवाइजरी जरिए एग्रीकल्चर में AI के इस्तेमाल पर प्रकाश डाला.
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भारत को केवल कंज्यूमर नहीं, एआई क्रिएटर बनाना - पीएम मोदी ने कहा कि भारत के पास ग्लोबल AI क्रिएटर बनने टैलेंट है. 'इंडिया एआई मिशन' के तहत बजट 2026-27 का सपोर्ट, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और सेमीकंडक्टर को बढ़ावा देने का मकसद मजबूत एआई इंफ्रा और स्किल्स का निर्माण करना है.
IT सेक्टर पर AI का इंपेक्ट - एआई भारत के आईटी सेक्टर को बदलेगा, उसे रिप्लेस नहीं करेगा. सरकार का मकसद आईटी कंपनियों को सेवाओं से आगे बढ़कर AI प्रोडेक्ट्स, प्लेटफार्मों और ग्लोबल सॉल्यूशन की ओर बढ़ने में मदद करना है.
AI और आत्मनिर्भर भारत - पीएम मोदी का विजन भारत के लिए शीर्ष तीन एआई महाशक्तियों में से एक बनना है. जो अपने खुद के एआई मॉडल, स्टार्टअप और पब्लिक सर्विसेज तैयार करे जो भारतीय मूल्यों में रचे-बसे हों और भारत एवं विश्व दोनों को सर्विस प्रोवाइड करे.