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'बार-बार हमलों के बावजूद हमारा सोमनाथ मंदिर आज भी अडिग', हमले के 1000 साल पूरे होने पर PM मोदी ने लिखा ब्लॉग

PM Modi On Somnath Temple: सोमनाथ मंदिर पर हमले को 1 हजार साल पूरे हो गए. इस मौके पर पीएम मोदी काफी भावुक नजर आए. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक इमोशल पोस्ट भी लिखा.

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Credit: Social Media

गुजरात के सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के एक हजार साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक इमोशल पोस्ट लिखा. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने लेख में सोमनाथ को भारत की आत्मा का उद्घोष बताया. पीएम मोदी ने लिखा कि सोमनाथ शब्द सुनते ही उनका दिल और दिमाग गर्व से भर जाता है. उन्होंने कहा ये सिर्फ मंदिर नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, सभ्यता और अटूट आस्था का प्रतीक बताया. आपको बता दें कि 11 जनवरी को पीएम मोदी सोमनाथ मंदिर जाने वाले हैं.

पीएम मोदी ने अपने ब्लॉग में लिखते हैं, ‘सोमनाथ… ये शब्द सुनते ही हमारे मन और हृदय में गर्व और आस्था की भावना भर जाती है. भारत के पश्चिमी तट पर गुजरात में, प्रभास पाटन नाम की जगह पर स्थित सोमनाथ, भारत की आत्मा का शाश्वत प्रस्तुतिकरण है. द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम में भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों का उल्लेख है. ज्योतिर्लिंगों का वर्णन इस पंक्ति से शुरू होता है…“सौराष्ट्रे सोमनाथं च…यानि ज्योतिर्लिंगों में सबसे पहले सोमनाथ का उल्लेख आता है. ये इस पवित्र धाम की सभ्यतागत और आध्यात्मिक महत्ता का प्रतीक है.

शास्त्रों में ये भी कहा गया है:

“सोमलिङ्गं नरो दृष्ट्वा सर्वपापैः प्रमुच्यते.

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लभते फलं मनोवाञ्छितं मृतः स्वर्गं समाश्रयेत्॥”

अर्थात्, सोमनाथ शिवलिंग के दर्शन से व्यक्ति अपने सभी पापों से मुक्त हो जाता है. मन में जो भी पुण्य कामनाएं होती हैं, वो पूरी होती हैं और मृत्यु के बाद आत्मा स्वर्ग को प्राप्त होती है.

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दुर्भाग्यवश, यही सोमनाथ, जो करोड़ों लोगों की श्रद्धा और प्रार्थनाओं का केंद्र था, विदेशी आक्रमणकारियों का निशाना बना, जिनका उद्देश्य विध्वंस था. वर्ष 2026 सोमनाथ मंदिर के लिए बहुत महत्व रखता है क्योंकि इस महान तीर्थ पर हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं.

जनवरी 1026 में गजनी के महमूद ने इस मंदिर पर बड़ा आक्रमण किया था, इस मंदिर को ध्वस्त कर दिया था. यह आक्रमण आस्था और सभ्यता के एक महान प्रतीक को नष्ट करने के उद्देश्य से किया गया एक हिंसक और बर्बर प्रयास था.

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‘हमले के बाद आज भी अडिग है मंदिर’

पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि सोमनाथ शिवलिंग के दर्शन करने मात्र से इंसान पापों से मुक्त हो जाता है और उसकी सारी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं. प्रधानमंत्री ने मंदिर पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि साल 1026 में विदेशी आक्रमणकारी महमूद गजनवी ने इस पवित्र स्थल पर हमला कर इसे तबाह करने की कोशिश की. उन्होंने आगे लिखा कि सोमनाथ की कहानी विनाश की नहीं बल्कि पुनर्निर्माण और साहस की है. सोमनाथ पर कई हमले हुए लेकिन ये डटकर खड़ा रहा. पीएम मोदी ने आहिल्याबाई होल्कर, स्वामी विवेकानंद समेत कई महापुरुषों के योगदान का जिक्र किया.

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नेहरू पर साधा निशाना

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प्रधानमंत्री मोदी ने पोस्ट में लिखा कि 1947 में सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ जाकर इसके पुनर्निर्माण की कसम खाई थी. जिसके बाद 11 मई 1951 को ये मंदिर फिर से एक बार भक्तों के लिए शुरू हुआ. पीएम मोदी ने कहा कि उस वक्त भी पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस पर आपत्ति जताई थी, लेकिन इतिहास ने साबित किया कि ये फैसला एकदम ठीक था. प्रधानमंत्री मोदी ने केएम मुंशी को भी उनके योगदान के लिए शुक्रिया अदा किया, क्योंकि उन्होंने मंदिर को खड़ा करने में सरदार पटेल का बहुत साथ दिया था. आपको बता दें कि इस साल सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आयोजन हो रहा है. 8 से 11 जनवरी तक सोमनाथ में कई आध्यात्मिक और सामाजिक आयोजन होंगे. देशभर से संत, श्रद्धालु और सामाजिक संगठन इसमें हिस्सा लेंगे. 11 जनवरी को पीएम मोदी खुद सोमनाथ का दौरा करेंगे.

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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