प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यापार समझौतों और बजट के माध्यम से भारत की मजबूत होती अर्थव्यवस्था पर अपना विजन साझा किया है. उन्होंने कहा कि 2014 के बाद आई राजनीतिक स्थिरता और सुधारों के कारण भारत आज दुनिया में एक भरोसेमंद उत्पादक साझेदार बन गया है. अब भारत केवल उपभोक्ता देश नहीं रहा बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन का एक अहम हिस्सा है. पीएम के अनुसार 38 देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते इस बात का सबूत हैं कि दुनिया का भारत पर भरोसा बढ़ा है. ये समझौते न केवल टैक्स कम करने के लिए हैं बल्कि भारतीय कपड़ा, जूते और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सामानों को दुनिया के बड़े बाजारों तक पहुंचाने का जरिया हैं.
मेक इन इंडिया और गुणवत्ता पर विशेष जोर
प्रधानमंत्री ने उद्योगों के लिए ‘जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट’ का मंत्र दिया है जिसका मतलब है कि भारत में बना सामान क्वालिटी में बेहतरीन हो और पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचाए. उन्होंने कहा कि आज के दौर में सिर्फ सस्ता होना काफी नहीं है बल्कि ग्लोबल स्टैंडर्ड्स को अपनाना भी जरूरी है. एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने के लिए बजट में लोन गारंटी और आसान टैक्स प्रक्रिया जैसे कदम उठाए गए हैं ताकि छोटे उद्योग भी वैश्विक स्तर पर मुकाबला कर सकें. भारत अब मोबाइल फोन बनाने में दुनिया में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है और रक्षा निर्यात भी 23 हजार करोड़ रुपये के पार जा चुका है जो देश की विनिर्माण शक्ति को दर्शाता है.
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बुनियादी ढांचे में रिकॉर्ड निवेश और भविष्य की तैयारी
वर्ष 2026-27 के बजट में 12.2 लाख करोड़ रुपये का भारी पूंजीगत व्यय रखा गया है जिसे पीएम मोदी ने रोजगार और उत्पादकता में निवेश बताया है. इसमें रेल क्षेत्र के लिए 3 लाख करोड़ रुपये और सात नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं शामिल हैं. हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी होना और मेट्रो सेवाओं का विस्तार दिखाता है कि बढ़ते शहरीकरण और ग्रामीण आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सरकार गंभीर है. पीएम ने स्पष्ट किया कि डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में निवेश भारत को डिजिटल लीडर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे.
नारी शक्ति और सुरक्षा को बनाया प्राथमिकता
देश की सुरक्षा और महिलाओं की भागीदारी को सरकार ने अपनी हर नीति के केंद्र में रखा है. रक्षा बजट में आवंटित 7.85 लाख करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा घरेलू कंपनियों से खरीद के लिए आरक्षित किया गया है जिससे देश रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा. महिलाओं के सशक्तिकरण पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों और विज्ञान-तकनीक की शिक्षा के जरिए उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाई जा रही है. प्रधानमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि रिकॉर्ड निवेश, व्यापारिक समझौते और तकनीकी विकास मिलकर 2047 तक एक सशक्त और समृद्ध भारत की नींव रख रहे हैं.
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