फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी डील की चर्चा जोरों पर है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारत फ्रांस से राफेल विमान खरीदेगा और बदले में फ्रांस भारत से स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर 'पिनाका' खरीदने पर विचार कर रहा है. भगवान शिव के धनुष के नाम पर बना यह सिस्टम पूरी तरह भारत में विकसित किया गया है. रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि फ्रांस भविष्य में इसके संयुक्त उत्पादन में भी दिलचस्पी दिखा सकता है क्योंकि दोनों देशों के बीच पहले से ही सबमरीन और रडार सिस्टम जैसे क्षेत्रों में मजबूत भरोसा बना हुआ है.
रॉकेट लॉन्चर की बेमिसाल मारक क्षमता
पिनाका एक मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है जो मात्र 44 सेकंड के भीतर 12 रॉकेट दागने की ताकत रखता है. इसकी एक बैटरी में छह लॉन्चर वाहन होते हैं जो महज 44 सेकंड में कुल 72 रॉकेट छोड़कर एक बड़े इलाके को पूरी तरह तबाह कर सकते हैं. इसके तीन मुख्य वर्जन उपलब्ध हैं जिसमें एमके-1 की रेंज 3745 किलोमीटर और गाइडेड पिनाका की रेंज 7590 किलोमीटर तक बताई गई है. यह सिस्टम जीपीएस और सैटेलाइट गाइडेंस से लैस है जिसके कारण यह दुश्मन के ठिकानों पर अचूक और सटीक निशाना लगाने में माहिर है.
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विदेशी प्रणालियों पर भारी पड़ता पिनाका
पिनाका की सबसे बड़ी खूबी इसकी कम लागत और हर मौसम में काम करने की क्षमता है. यह रेगिस्तान, पहाड़ और मैदानी इलाकों के साथ-साथ कड़ाके की ठंड में भी बेधड़क वार कर सकता है. रूस के स्मर्च और अमेरिका के हिमार्स जैसे महंगे सिस्टम के मुकाबले पिनाका काफी किफायती है और प्रदर्शन में उनके बराबर या उससे बेहतर साबित होता है. फ्रांस के पास वर्तमान में जो रॉकेट आर्टिलरी है वह काफी भारी और महंगी है. यही वजह है कि फ्रांस भारत के इस सस्ते और अधिक मारक क्षमता वाले स्वदेशी समाधान की ओर आकर्षित हो रहा है.
दुनिया भर में बढ़ती भारतीय हथियारों की मांग
भारत अब केवल हथियारों का खरीदार नहीं बल्कि एक बड़ा निर्यातक भी बनता जा रहा है. अर्मेनिया ने साल 2022-23 में भारत के साथ करीब 250 मिलियन डॉलर की पिनाका डील की थी. इसके अलावा फिलीपींस, सऊदी अरब और यूएई जैसे देश भी इस सिस्टम को खरीदने में अपनी दिलचस्पी दिखा चुके हैं. नाइजीरिया और केन्या जैसे देशों के साथ भी इस संबंध में बातचीत जारी है. अगर फ्रांस जैसा विकसित देश पिनाका को अपनाता है तो यह भारतीय रक्षा उद्योग की वैश्विक स्वीकार्यता के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा.