संसद का बजट सत्र संपन्न हो चुका है। इस सत्र में लोकसभा में कुल 26 बैठकों को आयोजन किया गया, जिनमें वक्फ संशोधन विधेयक समेत 16 बिल पारित किए गए। इस दौरान 118 फीसदी कामकाज हुआ। लोकसभा सचिवालय के अनुसार बजट सेशन में वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025, वित्त विधेयक 2025, त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी विधेयक 2025 समेत विनियोग विधेयक 2025 को पास किया गया। राज्यसभा की कार्यवाही शुक्रवार को अनिश्चितकालीन समय के लिए स्थगित कर दी गई है। सत्र के दौरान राज्यसभा में 119 फीसदी कामकाज हुआ। कुल 159 घंटे तक चर्चा में 49 निजी विधेयक पेश किए गए।
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इस दौरान लोकसभा में 118 फीसदी कामकाज हुआ। 26 बैठकें लगभग 160 घंटे 48 मिनट तक चलीं। इस दौरान मछुआरा समुदाय को लेकर आ रही दिक्कतों के संदर्भ में भी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। हवाई किराए को विनियमित करने के उपायों को लेकर भी कांग्रेस सदस्य शफी परम्बिल ने मुद्दा उठाया, जो पूरा नहीं हो सका। ओम बिरला के अनुसार मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा का अनुमोदन करने वाला संकल्प भी सत्र में पारित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर 17 घंटे 23 मिनट तक चर्चा हुई। चर्चा के दौरान 173 सदस्यों ने हिस्सा लिया, 18वीं लोकसभा का चौथा सत्र 21 जनवरी से शुरू हुआ था, जो 4 अप्रैल को संपन्न हो गया।
2 चरणों में पूरा हुआ बजट सत्र
बजट सत्र 2 चरणों में पूरा हुआ। पहला चरण 13 फरवरी तक चला था, दूसरा चरण 10 मार्च को आरंभ हुआ था। बिरला के अनुसार बजट 2025-26 पर 16 घंटे 13 मिनट तक चर्चा हुई, जिसमें 169 सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान 10 सरकारी विधेयक दोबारा लाए गए और 16 पारित किए गए। बिरला के अनुसार लोगों से जुड़े 202 मामले 3 अप्रैल को उठाए गए। यह अभी तक एक दिन में शून्यकाल के दौरान उठाए गए मामलों की रिकॉर्ड संख्या है। इस दौरान नियम 377 के तहत कुल 566 मामले उठाए गए। सत्र में विभिन्न विभागों की समितियों ने 61 प्रतिवेदन रखे, सभा पटल पर 2518 लेटर रखे गए। लोकसभा ने मालदीव, रूस और मेडागास्कर के शिष्टमंडल का भी स्वागत किया।
4 मंत्रालयों के कामकाज पर चर्चा
राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने 267वें सत्र को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने से पहले संबोधन में कहा कि सदन में वक्फ (संशोधन) विधेयक सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। 159 घंटे की चर्चा में 119 फीसदी कामकाज हुआ। राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर 3 दिन तक चर्चा हुई, जिसमें 73 सदस्यों ने हिस्सा लिया। बजट 2025-26 पर भी 3 दिन चर्चा हुई, जिसमें 89 सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान सदस्यों ने गृह, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, रेल एवं शिक्षा मंत्रालय के कामकाज पर भी चर्चा हुई। 3 अप्रैल को दिन में 11 बजे से शुरू होकर अगले दिन यानी 4 अप्रैल को सुबह 4 बजकर 2 मिनट तक मीटिंग हुई, जो अब तक की सबसे लंबी बैठक थी।
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