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पाकिस्तान के ‘फर्जी’ अमृतसर हमलों का पर्दाफाश, सोशल मीडिया के सहारे गढ़ रहा झूठी कहानी

ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी एक नाकाम कहानी को दोबारा जिंदा करने की कोशिश में पाकिस्तान ने एक बार फिर सोशल मीडिया का सहारा लिया है. पाकिस्तान से जुड़े कुछ सोशल मीडिया अकाउंट पर फेंक तस्वीरें शेयर की गई हैं. सेटेलाइट के जरिये पाकिस्तान यह झूठा दावा कर रहा है कि भारत के पंजाब, खासकर अमृतसर के आसपास सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए थे.

ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी एक नाकाम कहानी को दोबारा जिंदा करने की कोशिश में पाकिस्तान ने एक बार फिर सोशल मीडिया का सहारा लिया है. पाकिस्तान से जुड़े कुछ सोशल मीडिया अकाउंट पर फेंक तस्वीरें शेयर की गई हैं. सेटेलाइट के जरिये पाकिस्तान यह झूठा दावा कर रहा है कि भारत के पंजाब, खासकर अमृतसर के आसपास सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए थे.

सेना सूत्रों ने न्यूज 24 को बताया है कि जिन जगहों की तस्वीरें दिखाई जा रही हैं, उनकी स्वतंत्र जांच में साफ पता चलता है कि वहां किसी भी तरह की तबाही या नुकसान के कोई निशान नहीं हैं. जिन भारतीय सैन्य ठिकानों का जिक्र किया जा रहा है, वे पूरी तरह सुरक्षित हैं. वहां न तो विस्फोट के निशान हैं, न ही इमारतों या आसपास के इलाके में कोई नुकसान दिखाई देता है.

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आपको बता दें कि पाकिस्तान की सोशल मीडिया के तरफ से जो दावे किए जा रहे हैं, उसका कोई सबूत नहीं मिल पाया है, क्योंकि पाकिस्तान के इन दावों के सामने आने का समय भी कई सवाल खड़े करता है. मई में जब वास्तविक सैन्य घटनाएं हुई थीं, तब पाकिस्तान अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस सैटेलाइट तस्वीरें नहीं दिखा सका था. अब सात महीने बाद, बिना तारीख, बिना सैटेलाइट और बिना किसी पुख्ता जानकारी के अचानक ऐसी तस्वीरों का सामने आना, इस बात की ओर इशारा करता है कि यह बाद में गढ़ी गई कहानी है, न कि उस समय की सच्ची तस्वीरें.

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आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह के बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावे किए जा रहे हों. ऑपरेशन के दौरान और उसके तुरंत बाद भी पाकिस्तान से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स ने तथाकथित जीत के आंकड़े और भारत की रणनीतिक ताकत पर हमला जैसे दावे किए थे, जिन्हें कोई भी स्वतंत्र जांच सही साबित नहीं कर पाई.

भारत के डिफेंस एक्सपर्ट के मुताबिक इन नई तस्वीरों में जानबूझकर सीमित हिस्से दिखाए गए हैं और उनमें हमले के कोई साफ संकेत नहीं मिलते—जैसे गड्ढे, मलबा, जले हुए निशान या ढांचे को हुआ नुकसान. उसी जगह की पुरानी और नई तस्वीरों की तुलना करने पर कोई बदलाव नजर नहीं आता.


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