One Nation One Election: देश में विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ कराने की कवायद एक बार फिर शुरू हो गई है। वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर कमेटी का भी गठन कर दिया गया है, जो इस पर पूरी तरह विचार करेगी। इसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।
वन नेशन वन इलेक्शन के लिए कमेटी का गठन पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द की अध्यक्षता में किया गया है। आइये जानते हैं कि इस आठ सदस्यीय कमेटी में कौन-कौन लोग हैं शामिल?
रामनाथ कोविन्द: पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द इस आठ सदस्यीय कमेटी की अध्यक्षता करेंगे। कानपुर में जन्में और पेशे से वकील रह चुके रामनाथ देश के 14वें राष्ट्रपति बनने से पहले बिहार के राज्यपाल थे। वह भारतीय जनता पार्टी में भी लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं।
सुभाष सी कश्यप: वन नेशन वन इलेक्शन कमेटी में बतौर सदस्य शामिल सुभाष कश्यप 7वीं लोकसभा , 8वीं लोकसभा और 9वीं लोकसभा और लोकसभा सचिवालय के महासचिव रह चुके हैं। सुभाष इससे पूर्व वर्ष 1983 तक जिनेवा में एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में भी शामिल हो चुके हैं। वह पंचायती राज कानूनों और संस्थानों पर भारत सरकार के मानद संवैधानिक सलाहकार थे। सुभाष 1953 में संसद सचिवालय में शामिल हुए और 37 वर्षों से अधिक समय तक भारत की संसद से जुड़े रहे।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनाई गई आठ सदस्यीय समिति में सदस्य के तौर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, पश्चिम बंगाल से कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी के अलावा पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद को भी शामिल किया गया है।
इसके अलावा, इस कमेटी में वित्त कमीशन के पूर्व चेयरमैन एनके सिंह, लोकसभा के पूर्व महासचिव सुभाष सी कश्यप, हरीश साल्वे और पूर्व सीवीसी संजय कोठारी भी हैं। कमेटी की बैठकों में केंद्रीय न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी मौजूद रहेंगे।
गौरतलब है कि देश में वन नेशन वन इलेक्शन का मुद्दा कई वर्षों से उठता रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई बार इसे मंचों से उठा चुके हैं। वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर तर्क दिया जा रहा है कि इससे देश पर पड़ने वाला आर्थिक भार कम होगा।