हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

300 km का पैदल सफर… भावुक कर देगा बुजुर्ग का पत्नी के इलाज के लिए संघर्ष, प्रशासन की नाकामी से मजबूर

लोहार ने सादगी से अपना साइकिल रिक्शा ही ‘मोबाइल एंबुलेंस’ बना लिया. पुराने तकियों और चादरों से पत्नी के लिए आराम का इंतजाम किया. संबलपुर से कटक का 300 किमी सफर नौ दिनों में पूरा किया.

विज्ञापन

भारत सोमवार यानी 26 जनवरी को अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है, लेकिन आज भी देश में कई ऐसे नागरिक भी है जो मूलभूत सुविधाओं को लिए तरस रहे हैं. संविधान में अनुच्छेद 21 के तहत स्वास्थ्य अधिकार को जीवन के मौलिक अधिकार के तौर पर माना गया है, लेकिन 21वीं सदी में भी गरीबों को बेहतर इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है. हाल ही में ऐसा ही एक भावुक कर देना वाला मामला सामने आया, जिसने प्रशासन की नाकामी की पोल खोल दी.

पत्नी के लिए रिक्शाचालक बना ‘दशरथ मांझी’


ओडिशा के संबलपुर जिले के मोदीपाड़ा गांव में रहने वाले 75 वर्षीय रिक्शाचालक बाबू लोहार ने मानवता की मिसाल कायम की. बिहार के दशरथ मांझी की याद दिलाने वाले इस प्यार और समर्पण में उन्होंने अपनी 70 वर्षीय पत्नी ज्योति को लकवा मारने के बाद इलाज के लिए 300 किलोमीटर लंबा सफर रिक्शे पर ही तय किया. स्थानीय अस्पतालों में पर्याप्त सुविधा न मिलने पर डॉक्टरों ने कटक के प्रतिष्ठित एससीबी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SCBMCH) रेफर किया. लेकिन प्राइवेट एंबुलेंस के 20-25 हजार रुपये के किराए ने उन्हें मजबूर कर दिया.

साइकिल रिक्शा को बनाया ‘मोबाइल एंबुलेंस’


लोहार ने सादगी से अपना साइकिल रिक्शा ही ‘मोबाइल एंबुलेंस’ बना लिया. पुराने तकियों और चादरों से पत्नी के लिए आराम का इंतजाम किया. संबलपुर से कटक का 300 किमी सफर नौ दिनों में पूरा किया. सुबह से शाम तक पैदल ठेलते, रातें NH-55 के किनारे ढाबों या दुकानों पर बिताईं. उम्रदराज होने के बावजूद बारिश, धूप और थकान झेली. कटक पहुंचकर ज्योति को दो महीने का स्पेशल इलाज मिला, जिसमें न्यूरोलॉजी विभाग की पूरी टीम जुटी.

विज्ञापन

रास्ते में हुआ सड़क हादसा


19 जनवरी को घर वापसी के दौरान बाबू लोहार के रिक्शे को तेज रफ्तार ट्रक ने रिक्शे को पीछे से ठोका. ज्योति के सिर व कमर पर गंभीर चोटें आईं, लोहार को भी खरोंचें. नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हुए. डॉक्टर विकास ने इलाज के साथ 5 हजार रुपये निजी मदद दी. लोहार ने भावुक होकर कहा, ‘हम निस्सहाय हैं, बस एक-दूसरे का भरोसा है.’ अब अंतिम 100 किमी का सफर फिर शुरू करने को तैयार.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola