उत्तराखंड के चार धामों में शामिल केदारनाथ और बदरीनाथ मंदिर में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की तैयारी होने लगी है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बड़ा ऐलान करते हुए इसकी जानकारी दी है। द्विवेदी ने कहा कि बदरीनाथ धाम, केदारनाथ धाम के अलावा बीकेटीसी के अधीन आने वाले सभी मंदिरों में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित रहेगा। बताया कि इस मामले पर मंदिर समिति की आगामी बोर्ड बैठक में औपचारिक प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
बता दें कि आगामी 2 मई को केदारनाथ और बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलेंगे। इससे पहले बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) बोर्ड की बैठक होगी। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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कहा कि केदार खंड से लेकर मानस खंड तक स्थापित मंदिर श्रृंखला में परंपरागत रूप से गैर-हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहा है। गैर-बीजेपी सरकारों के समय परंपराओं का उलंघन हुआ है। आगे बताय कि परंपराओं का विधिवत अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसा कदम उठाया जाएगा।
बता दें कि इससे पहले भी सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में कई अवैध मस्जिदों को हटवाया है। बीकेटीसी के द्विवेदी ने सीएम ने इस कदम की भी सराहना की करते हुए कहा कि उत्तराखंड की धार्मिक अस्मिता, सांस्कृतिक विरासत और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी), कठोर नकल विरोधी कानून, जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार जैसी योजनाओं पर केदार समिति ने भरोसा जताया है।
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