नई दिल्लीः लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनों की जांच को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अपने हाथों में ले लिया है। इसके लिए एनआईए की पांच सदस्यीय टीम लंदन के लिए रवाना हो चुकी है। इसी साल मार्च में खालिस्तान समर्थकों ने भारतीय उच्चायोग में राष्ट्रीय ध्वज को नीचे उतारा था।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने कहा कि एनआई की टीम खालिस्तानी संपर्क वाले लोगों की एक सूची तैयार कर रही है, जिसे लंदन में ब्रिटिश अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को सौंपा जाएगा। बताया गया है कि गृह मंत्रालय (एमएचए) के काउंटर टेररिज्म एंड काउंटर रेडिकलाइजेशन (सीटीसीआर) डिवीजन ने 18 अप्रैल को इस मामले को एनआईए को सौंप दिया था।
जानकारी के मुताबिक, लंदन में भारतीय उच्चायोग पर लहरा रहे तिरंगे को 19 मार्च को खालिस्तानी समर्थकों ने उतारकर खालिस्तानी का झंडा लगाया था। इसके अलावा नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया था। घटना के वीडियो में कई प्रदर्शनकारियों को पीले और काले रंग के खालिस्तान झंडे को ले जाते हुए और कट्टरपंथी समर्थक अमृतपाल सिंह को मुक्त करने के लिए कहते हुए दिखाया गया है।
खालिस्तानी समर्थकों ने की थी अधिकारियों से अभद्रता
वीडियो में दिखाया गया है कि एक प्रदर्शनकारी उच्चायोग के छज्जे पर चढ़ा। उसने उच्चायोग पर लगे तिरंगे को नीचे खींचा। मौके पर खड़े लोग खालिस्तान के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे। इसके बाद ब्रिटिश पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को भारतीय उच्चायोग के प्रवेश द्वार तक जाने से रोक दिया।
वीडियो में यह भी दिखाया गया था कि प्रदर्शनकारियों ने भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। बता दें कि केंद्र सरकार ने अगस्त 2019 में एनआईए अधिनियम में संशोधन किया है। इसके बाद एजेंसी को साइबर अपराधों और मानव तस्करी के अलावा विदेशों में भारतीयों और भारतीय हितों के खिलाफ आतंकी गतिविधियों की जांच करने का अधिकार मिला।
एनआईए ने दर्ज किया है मुकदमा
इसी अधिकार के तहत, काउंटर-टेररिज्म एंड काउंटर रेडिकलाइजेशन ने गृह मंत्रालय के आदेशों के आधार पर एफआईआर दर्ज की है और इस मामले की जांच शुरू कर दी है। इसी जांच के लिए एनआईए की पांच सदस्यीय टीम लंदन के लिए रवाना हुई है।