वर्तमान में अगर दुश्मन देश की तरफ से कोई हरकत या फिर हमले की कोशिश की होती है, तो भारतीय नौसेना की तैयारी किस तरह की है और कैसे अचानक हुए हमलों का जवाब देने के लिए तैयार है? इसका जायजा लेने के लिए नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी अचानक ईस्टर्न नौसेना कमान यानी आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम पहुंच गए। इस दौरान एडमिरल त्रिपाठी ने ऑपरेशनल तैयारियों की पूरी जानकारी ली।
नौसेना का ईस्टर्न कमांड हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी में पूर्वी हिस्से की सुरक्षा की कमान को संभलाता है इसलिए यह एक बेहद ही महत्वपर्ण कमांड है, जिसकी सुरक्षा का जायजा लेने के लिए नौसेना प्रमुख पहुंचे थे। बता दें कि नौसेना प्रमुख ने ना सिर्फ तैयारियों की समीक्षा की बल्कि नौसेना ईस्ट्रन कमांड में मौजूद सभी जाहाजों की मारक क्षमता देखने के साथ ही उसपर सवार होकर दुश्मन देश पर हमले के लिए जहाज कितना तैयार है, इसका भी जायजा लिया।
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एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने नए घातक आर्मस और मानव रहित प्रणाली यानी ऐसे जहाज जो बिना पायलेट के रिमोट से ऑपरेट करते होते है। भविष्य में यह कैसा अहम रोल निभाने वाले है, इसके बारे में नौ सैनिकों को एक ब्रीफिंग भी दी। दौरे में नौसेना प्रमुख ने कैसे विपरित परिस्थियों में अटैक करना है, उसके लिए एडवांस ऑपरेशनल ड्रील का भी जायाजा लिया है। इस ऑपरेशनल ड्रील में जटिल बेड़ा युद्धाभ्यास, आधुनिक हथियारों की सटीक फायरिंग का अभ्यास के अलावा फ्लाइंग संचालन शामिल था।
निरीक्षण में नौसेना प्रमुख ने माना है कि भारतीय नौसेना का पूर्वी बेड़ा अलग-अलग समुद्री अभियानों में अटैक के तौर पर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। नौसेना प्रमुख ने ईस्टर्न बेडे में मौजूद सभी नौ सैनिकों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि उन्हें युद्ध के लिए तैयार प्लेटफॉर्म को बनाए रखने, हथियार पहुंचाने में सटीकता हासिल करने और मुश्किल ऑपरेशनल स्थितियों में मिशन की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए हर वक्त तैयार रहना चाहिए।
बता दें कि इंडियन नेवी लगातार अपनी ताकत में ईजाफा कर रही है। अपने सभी बेड़े को अपग्रेड करने के साथ ही पूरी मारक क्षमता से लैस करने के लिए लगातार इस पर काम कर रही है। इंडियन नेवी के लिए कई अपडेटेड हथियार की खरीद रक्षा मंत्रालय ने किया है साथ कई आधुनिक उपकरणों की खरीद की मंजूरी भी दी है। नौसेना के लिए कॉम्पैक्ट ऑटोनोमस सरफेस क्राफ्ट, ब्रह्मोस फायर कंट्रोल सिस्टम लॉन्चर्स, बराक-1 प्वाइंट डिफेंस मिसाइल सिस्टम का अपग्रेडेशन की मंजूरी दी गई है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इनमें से कॉम्पैक्ट ऑटोनोमस सरफेस क्राफ्ट पनडुब्बी रोधी अभियानों में खतरे की पहचान की क्षमता में ज्यादा से ज्यादा बढावा मिलेगा।
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