Mock Drill: भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की संभावनाओं के बीच भारत में इससे निपटने की तैयारियां की जा रही हैं। गृह मंत्रालय ने सोमवार को बड़ा फैसला लेते हुए सभी राज्यों को 7 मई को मॉक ड्रिल करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत शाम को तय समय पर सायरन बजाए जाएंगे। मॉक ड्रिल से पहले घबराएं नहीं, बल्कि करें ये तैयारियां ड्रिल से पहले लोगों को सलाह दी गई है कि वे परेशान न हों और कुछ जरूरी तैयारियां कर लें, जिससे इस दौरान किसी असुविधा से बचा जा सके।

ड्रिल से पहले करें ये जरूरी तैयारी:

  • रात में मोबाइल फोन और पावर बैंक पूरी तरह चार्ज कर लें।
  • बैटरी या सौर ऊर्जा से चलने वाली टॉर्च, रेडियो, ग्लो स्टिक आदि पास में रखें।
  • वैध पहचान पत्र (ID) अपने पास रखें।
  • आपातकालीन किट तैयार रखें: जिसमें पीने का पानी, सूखा भोजन और जरूरी दवाइयाँ शामिल हों।

सुरक्षित आश्रय और पारिवारिक अभ्यास

सुरक्षित स्थान, जैसे घर का आंतरिक कमरा या तहखाना, पहले से तय कर लें। परिवार के साथ एक बार अभ्यास कर लें: बिजली बंद करें और 1–2 मिनट में तय स्थान पर इकट्ठा होने का प्रयास करें।

आपातकालीन नंबर याद रखें या लिख लें

पुलिस सहायता: 112 अग्निशमन सेवा: 101 एम्बुलेंस सेवा: 102

ब्लैकआउट के दौरान क्या करें

  • शाम 7 से 8 बजे तक लिफ्ट का इस्तेमाल न करें। लिफ्ट को बंद कर दें ताकि ब्लैकआउट में फंसने की स्थिति न बने।
  • सायरन या घोषणाएं सुनाई दें तो घबराएं नहीं — यह अभ्यास का हिस्सा है।
  • पुलिस, प्रशासन, स्कूल या अन्य आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।
सरकार द्वारा जारी किया वीडियो आप यहां देख सकते हैं, जिसमें बताया गया है कि ब्लैकआउट क्या क्या करना चाहिए।

ब्लैकआउट के समय

  • घर के भीतर ही रहें और खिड़कियों से दूर रहें।
  • वाहन चला रहे हों तो उसे साइड में रोकें, इंजन और लाइट बंद कर दें।
  • इनडोर व आउटडोर लाइटें बंद करें, इन्वर्टर को डिस्कनेक्ट करें।
  • गैस और बिजली के उपकरणों को तुरंत बंद कर दें।

खिड़कियों से रहें दूर, बुजुर्गों की करें देखभाल

  • बच्चों, बुजुर्गों और पालतू जानवरों पर विशेष ध्यान दें।
  • खिड़की के पास फोन या एलईडी डिवाइस का उपयोग न करें।
  • मोटे पर्दे या कार्डबोर्ड से खिड़कियों को ढक दें।
  • सोशल मीडिया पर अफवाह या असत्यापित जानकारी न फैलाएं।

ड्रिल के बाद क्या करें?

  • ड्रिल खत्म होने के बाद यदि कोई नया निर्देश न मिले तो सामान्य कार्य दोबारा शुरू कर सकते हैं।
  • यदि किसी को कोई समस्या हो तो संबंधित प्रशासन से संपर्क करें।
  • बच्चों और बुजुर्गों को समझाएं कि यह अभ्यास था, ताकि किसी आपातकाल की स्थिति में हम तैयार रहें।