भारत और पाकिस्तान के बीच माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। युद्ध जैसे हालात बन रहे हैं, हालांकि स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं है। इसी बीच भारत के केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कई शहरों में 7 मई को मॉक ड्रिल आयोजित करने का आदेश दिया है। इस दिन युद्ध जैसी परिस्थिति में सुरक्षित रहने के अभ्यास किए जाएंगे। इसके लिए गृह मंत्रालय ने 259 स्थानों की सूची जारी की है, जिन्हें तीन श्रेणियों (कैटेगरी) में विभाजित किया गया है। तो आखिर किन-किन शहरों को किस श्रेणी में रखा गया है और क्यों?
कैटेगरी 1 में कौन-कौन से शहर शामिल हैं?
मॉक ड्रिल के लिए चिन्हित शहरों की सूची में वे शहर शामिल हैं जो अति-महत्वपूर्ण और अति-संवेदनशील माने जाते हैं। इनमें राजधानी दिल्ली भी शामिल है। गुजरात के तीन शहर सूरत, वडोदरा और काकरापार भी इस सूची में हैं। महाराष्ट्र के मुंबई, तारापुर और उरण को भी इसमें शामिल किया गया है।
ओडिशा का तालचेर शहर, जो ‘ब्लैक डायमंड’ के नाम से प्रसिद्ध है, कैटेगरी 1 में है। राजस्थान के कोटा और रावतभाटा तथा तमिलनाडु का चेन्नई और उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर (नरौरा) को भी प्रथम श्रेणी में रखा गया है।
कैटेगरी 1 में क्यों हैं ये शहर?
यदि हम कैटेगरी 1 के शहरों पर गौर करें तो स्पष्ट होता है कि ये शहर या तो व्यावसायिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं या इनमें परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Power Plant) मौजूद हैं। उदाहरण के लिए, रावतभाटा और तारापुर में परमाणु संयंत्र हैं, तालचेर में सुपर थर्मल पावर स्टेशन है, जो भारत का पहला मेगा पावर प्लांट है, और नरौरा (बुलंदशहर) में भी पॉवर प्लांट स्थित है। संभवतः इसलिए इन शहरों को प्रथम श्रेणी में शामिल किया गया है।
कैटेगरी 2 में कौन-कौन से शहर शामिल हैं?
कैटेगरी 2 में वे शहर आते हैं जिन्हें संवेदनशील क्षेत्र माना गया है। पोर्ट ब्लेयर, हैदराबाद, विशाखापट्टनम, ईटानगर, तवांग, डिब्रूगढ़, गोलपाड़ा, गुवाहाटी, जोरहाट, तेजपुर, अम्बाला, फरीदाबाद, गुड़गांव, शिमला, जम्मू, श्रीनगर, पुंछ, कारगिल, उधमपुर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, अहमदाबाद, जामनगर, कांडला, बेंगलुरु, रायचूर, तिरुवनंतपुरम, कोचीन, कवारत्ती (लक्षद्वीप), रांची, जमशेदपुर, पटना, बरौनी समेत 201 स्थानों को कैटेगरी 2 में चिन्हित किया गया है।
कैटेगरी 3 में कितने और कौन से शहर हैं?
कैटेगरी 3 में गृह मंत्रालय ने 45 स्थानों को रखा है, जहां मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इन स्थानों की विस्तृत सूची मंत्रालय द्वारा अलग से साझा की गई है।
मॉक ड्रिल के दौरान क्या-क्या किया जाएगा?
- हवाई हमले के अलर्ट के समय सायरन बजेगा ।
- नागरिकों और छात्रों को आत्म-सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित किया जायेगा।
- हमले के दौरान ब्लैकआउट की व्यवस्था करने की ट्रेनिंग।
- महत्वपूर्ण संयंत्रों/स्थापनों को छिपाने की योजना बनाना।
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