Manipur Violence: मणिपुर में 3 मई से हिंसा जारी है। आए दिन हमले, आगजनी की खबरें आती हैं। सोमवार को मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा, मणिपुर में मौजूदा स्थिति बहुत अराजक है। बीरेन सिंह की यह टिप्पणी रविवार को रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ उनकी बैठक के बाद आईं। केंद्र ने भाजपा शासित राज्य में चल रही हिंसा पर चर्चा के लिए 24 मई को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। उसके अगले बीरेन सिंह की गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक हुई थी।
बीरेन सिंह ने संवाददाताओं से कहा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का तत्काल प्रयास मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करना है। उन्होंने राज्य में हिंसा की बदलती प्रकृति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में हिंसा अत्यधिक राजनीतिक और संवेदनशील थी, लेकिन हम यह नहीं कह सकते कि अब क्या हो रहा है। स्थिति बहुत अराजक है। सीएम ने कहा, उन्होंने शाह को मणिपुर में स्थिति के बारे में जानकारी दी थी।
शाह ने उठाया मंत्रियों की संपत्तियों पर हमले का मुद्दा
बीरेन सिंह ने कहा कि शाह ने उनसे चल रही आगजनी और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के बारे में पूछा। उन्होंने केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री आरके रंजन सिंह के घर और राज्य मंत्री सुशीलो मैतेई के आवास पर हमले और सुरक्षा बलों की आवाजाही में बाधा जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने आश्वासन दिया है कि मणिपुर में सामान्य स्थिति वापस लाने के लिए केंद्र सरकार हर संभव कदम उठाएगी।
मणिपुर के मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर शाह को एक रिपोर्ट सौंपी है।
‘मेरा इस्तीफा मांगना स्वाभाविक…कुछ नहीं कहना’
शनिवार को सर्वदलीय बैठक विपक्षी नेताओं द्वारा बीरेन सिंह को हटाने की मांग के साथ संपन्न हुई। क्योंकि उनका मानना था कि उनके नेतृत्व में शांति बहाल करना असंभव है। सिंह ने विपक्षी दलों द्वारा उठाई गई इस चिंता को महज ‘राजनीति’ कहकर खारिज कर दिया और इसके बजाय ‘मिलकर काम करने’ पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष हमेशा सीएम का इस्तीफा मांगेगा, यह कांग्रेस के लिए स्वाभाविक है। मुझे कुछ नहीं कहना है। उन्होंने कहा कि यह सभी हितधारकों, नागरिक निकायों, विधायकों और राजनीतिक नेताओं के लिए एक साथ बैठने और उन क्षेत्रों की पहचान करने का समय है जहां सभी को काम करना चाहिए।
मनोज झा की मांग- विपक्ष को मणिपुर भेजा जाए
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सांसद मनोज झा सहित कई विपक्षी नेताओं ने सर्वदलीय बैठक के बाद मीडिया से बात की और मणिपुर संकट से निपटने में बीरेन सिंह की भूमिका पर आपत्ति जताई। झा ने संवाददाताओं से कहा कि विपक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि मणिपुर को एक ऐसे चेहरे की जरूरत है जो एकजुट हो, न कि विभाजित हो। विपक्षी नेताओं ने यह भी मांग की कि एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल मणिपुर भेजा जाए।
तृणमूल कांग्रेस ने एक बयान भी जारी किया। टीएमसी ने मोदी सरकार की आलोचना की और पूछा कि क्या वह मणिपुर को कश्मीर में बदलने की कोशिश कर रही है।
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